|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रिश्वत विवाद: अभिजीत काले निलंबित
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अभिजीत काले के प्रथम श्रेणी के क्रिकेट खेलने पर रोक लगा दी है. साथ ही काले के ख़िलाफ़ भारत की ए टीम में शामिल होने के लिए रिश्वत देने के आरोप की जाँच के आदेश भी दे दिए गए हैं. क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने कहा ये जाँच बार काउंसिल के डी वी सुब्बा राव करेंगे. ये जाँच 15 दिन में पूरी हो जानी चाहिए, लेकिन तब तक काले क्रिकेट नहीं खेल सकते. डालमिया ने कहा कि उन्हें दो चयनकर्ताओं किरन मोरे और प्रणब राय की ओर से शिकायत मिली है कि भारत की ए टीम में चुने जाने के लिए रिश्वत देने की पेशकश की गई थी. बीबीसी से बातचीत में अभिजीत काले ने आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने कहा, "मैं इस आरोप से हतप्रभ और निराश हूँ. यह एक बेबुनियाद आरोप है." भारत के लिए एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके काले ने कहा, "मैं न तो किसी चयनकर्ता से मिला और न ही मैंने रिश्वत देने का प्रयास किया." उन्होंने कहा, "भला क्यों कोई क्रिकेटर भारत-ए टीम में शामिल होने के लिए 20 लाख रुपये की पेशकश करेगा, जबकि उसे मात्र एक लाख रुपये मिलेंगे. यह सब बकवास है." आरोप भारतीय क्रिकेट बोर्ड संयुक्त सचिव रत्नाकर शेट्टी ने ये दावा किया है कि एक खिलाड़ी ने दो चयनकर्ताओं को रिश्वत देने का प्रयास किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रथम श्रेणी के मैच खेलनेवाले एक क्रिकेटर ने भारत-ए की टीम में चुने जाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत देने की कोशिश की. रत्नाकर शेट्टी ने तो किसी का नाम नहीं लिया मगर मीडिया में इस सिलसिले में महाराष्ट्र के मध्य क्रम के बल्लेबाज़ अभिजीत काले का नाम सामने आया. भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली ने अभिजीत काले के मामले में कहा कि कोई भी फ़ैसला लेने से पहले सच्चाई जान लेना ज़रुरी है.
गांगुली का कहना था कि वो काफ़ी दिनों से काले को जानते है इसलिए उन्हें इस ख़बर पर विश्वास नहीं हो रहा. आस्ट्रेलिया दौरे के लिए रवाना होने से पहले गांगुली ने पत्रकारों से बातचीत में कहा," मैं इस मामले की सच्चाई जानने के लिए इंतज़ार करूँगा क्योंकि अभी तक मुझे इस ख़बर पर विश्वास नहीं हो रहा है." इधर, पूर्व भारतीय टेस्ट खिलाड़ियों बापू नादकर्णी और हनुमंत सिंह ने कहा कि यदि कोई भी खिलाड़ी ऐसी घटनाओं में दोषी पाया जाए तो उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||