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द्रविड़ बेहतर मगर लोकप्रिय सचिन
अहमदाबाद क्रिकेट टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में 222 और दूसरी में 73 रन बनाने वाले राहुल द्रविड़ अब दुनिया के शीर्ष बल्लेबाज़ों में तीसरे स्थान पर आ गए हैं. प्राइसवाटरहाउस कूपर की रेटिंग में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन और वेस्टइंडीज़ के ब्रायन लारा के बाद जगह दी गई है. वहीं भारत के स्टार बल्लेबाज़ और मास्टर ब्लास्टर के नाम से मशहूर सचिन तेंदुलकर छठे स्थान पर खिसक गए हैं. मगर यदि भारत के किसी शहर में राह चलते कुछ लोगों से पूछा जाए तो आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि लोकप्रियता के मामले में सचिन बाक़ी खिलाड़ियों से कहीं आगे हैं. द्रविड़ ने काफ़ी अच्छी पारियाँ खेली हैं और विकेट पर कई बार उन्होंने टीम के लिए एक रक्षात्मक दीवार की भूमिका भी अदा की है. मगर तेंदुलकर का दीवाना देश द्रविड़ को शायद उतना महत्त्व नहीं देता. आम तौर पर तीसरे नंबर पर आने वाले द्रविड़ मुंबई के तेंदुलकर से एक नंबर पहले खेलने आते हैं मगर उनके आने के साथ ही ऐसा लगता है जैसे दर्शकों का उत्साह कुछ ठंडा सा पड़ गया. उसके बाद लोगों का इंतज़ार शुरू होता है कि कब उनका मास्टर ब्लास्टर आएगा और वे फिर उसी जोश से उत्साह बढ़ा सकेंगे. लोगों के मन में शायद ऐसी धारणा रहती है कि द्रविड़ धीमे खेलेंगे और रन गति तभी बढ़ेगी जब तेंदुलकर खेलने आएँगे. मगर हाल के दिनों में वास्तविकता इससे कुछ उलट ही लगती है. मज़बूत दीवार द्रविड़ के रूप में विकेट के सामने जो दीवार खड़ी हो जाती है उसे हटाने में तो कई बार दुनिया के जाने-माने गेंदबाज़ों को भी हार माननी पड़ी है.
कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध उनकी 180 रन की पारी एक ऐसी ही यादगार पारी है जब भारत ने हार को जीत में बदल दिया था. मगर वो मैच भी याद किया जाता है तो वीवीएस लक्ष्मण के साथ हुई उनकी 376 रन की साझेदारी की वजह से जिसमें लक्ष्मण ने 281 रन बनाए थे. वैसे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों के पास उस हार का बदला चुकाने का मौका उस समय ज़रूर होगा जब वे दिसंबर में भारतीय चुनौती का मुकाबला भारतीय ज़मीन पर ही करेंगे. साथ ही, उसमें एक बार फिर शायद ये साबित हो जाए कि द्रविड़ किस स्तर के बल्लेबाज़ हैं. द्रविड़ ने अहमदाबाद में एक बार फिर अच्छी पारी खेली मगर एक बार फिर उनकी ये पारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में सुर्खी नहीं बन पाई क्योंकि दूसरी तरफ़ ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने 380 रन की रिकॉर्ड पारी खेली थी. मगर उनके प्रशंसकों को कम से कम ये संतोष ज़रूर होगा कि यदि टीम को जीत की ज़रूरत हो तो कम से कम द्रविड़ पर भरोसा किया जा सकता है. |
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