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अनिल कुंबले ने 350 टेस्ट विकेट लिए
भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर अनिल कुंबले 350 विकेट लेने वाले दुनिया के 14वें और भारत के दूसरे गेंदबाज़ बन गए हैं. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ अहमदाबाद टेस्ट के तीसरे दिन शुक्रवार को अनिल कुंबले ने जैकब ओरम का विकेट लेकर यह मुक़ाम हासिल किया. 32 वर्षीय अनिल कुंबले का यह 77वाँ टेस्ट हैं. कुंबले ने 241 एक दिवसीय मैच खेले हैं और 308 विकेट लिए हैं. भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड कपिल देव के नाम हैं. उन्होंने 131 टेस्ट में 434 विकेट लिए हैं. जबकि दुनिया में सबसे ज़्यादा टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज़ के कर्टनी वाल्श के नाम क्रिकेट में है. उन्होंने 519 विकेट लिए. अनिल कुंबले ने 77 टेस्ट में 27.98 की औसत से 350 विकेट ले लिए हैं. उन्होंने एक मैच में 20 बार पाँच या उससे ज़्यादा विकेट लिए हैं जबकि चार बार 10 या ज़्यादा विकेट लिए हैं. करियर
लेकिन भारत की ओर से उन्होंने पहला टेस्ट 1990 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैनचेस्टर में खेला. वैसे तो भारत में स्पिन की परंपरा रही है लेकिन आधुनिक भारतीय क्रिकेट में स्पिन आक्रमण को नई मंज़िल तक पहुँचाने में कुंबले की ख़ास भूमिका है. दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोटला मैदान पर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक पारी में 10 विकेट लेने का उनका कारनामा भला कौन भूल सकता है. उन्होंने यह मुक़ाम हासिल करके इंग्लैंड के जिम लेकर के रिकॉर्ड की बराबरी की थी. अनिल कुंबले के साथ समय-समय पर कई स्पिनर जुड़े और कई अलग भी हुए लेकिन स्पिन आक्रमण के अगुआ वहीं बने रहे. आज भी अनिल कुंबले भारतीय स्पिन आक्रमण की कमान संभाल रहे हैं और उनका साथ निभा रहे हैं हरभजन सिंह. एक समय अनिल कुंबले, वेंकटपति राजू और राजेश चौहान की तिकड़ी ने अपनी जादुई गेंदों से विपक्षी खिलाड़ियों के हौसले पस्त कर दिए थे. 1993 में इंग्लैंड का भारत दौरा कौन भूल सकता है जब तीनों ने मिलकर ग्राहम गूच की अगुआई वाली इंग्लैंड टीम को पस्त कर दिया था. लेकिन भारतीय स्पिन गेंदबाज़ों की इसलिए आलोचना भी होती रही कि उन्होंने विदेशी धरती पर वैसा कमाल नहीं किया जैसा वे घरेलू मैदान पर करते हैं.
कुंबले ने इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी अपनी फिरकी गेंदों का कमाल दिखाया है. भले ही यह प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा हो लेकिन ऐसा तो हर खिलाड़ी के साथ होता है. एक दिवसीय क्रिकेट में भी अनिल कुंबले ने न जाने कितने मैच भारत को अपनी घूमती हुई गेंदों के कारण जिताए हैं. और साथ में एक उपयोगी बल्लेबाज़ के रूप में भी उनकी भूमिका सराही जाती रही है. आख़िरी क्रम के बल्लेबाज़ों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी करके कुंबले ने भारत को कई बार बढ़त दिलाई है. |
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