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![]() भारत और पड़ोस-2005 भारत और उसके पड़ोसी देशों के हिस्से में सन् 2005 में कभी खुशियाँ आईं तो कभी ग़म.
भारत और पाकिस्तान में भूकंप ने भारी तबाही मचाई. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में भूंकप ने लगभग 73 हज़ार लोगों की जान ले ली तो भारत प्रशासित कश्मीर में दो हज़ार लोग इसकी भेंट चढ़ गए. लेकिन इस त्रासदी का उजला पक्ष यह था कि इसने भारत और पाकिस्तान को थोड़ा और क़रीब ला दिया. श्रीलंका और अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव हुए. इन दोनों देशों के लिए ये बेहद अहम थे. अफ़ग़ानिस्तान में तो 30 साल के बाद संसद का सत्र शुरु हो पाया. युद्ध से छिन्न-भिन्न हो चुके इस देश में 30 साल से कोई ऐसी सरकार नहीं बन पाई थी जो संसद का सत्र बुलाती. दूसरी ओर गृह युद्ध से घिरे श्रीलंका में महिंदा राजपक्षे नए राष्ट्रपति के रूप में सामने आए. साथ ही सार्क की बैठक कई बार स्थगित होने के बाद आख़िरकार बांग्लादेश की राजधानी ढाका में संपन्न हुई. इधर भारतीय जनता पार्टी में भ्रम के बादल हटने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने पाकिस्तान में जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष क़रार देकर संघ परिवार में महाभारत छेड़ दिया. इस पर विराम आडवाणी की अध्यक्ष पद छोड़ने की घोषणा के साथ ही हो पाया. भारत की वित्तीय राजधानी मानी जानेवाली मुंबई को बाढ़ का सामना करना पड़ा. वहाँ हवाई सेवाएँ ठप्प हो गईं थी और लगभग एक हज़ार लोगों को बाढ़ और उसके बाद फैली बीमारियों के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. भारतीय संसद ने इस साल एक ऐतिहासिक फ़ैसला किया और संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले से जुड़े 11 सांसदों को सदन की सदस्यता से बर्ख़ास्त कर दिया. आइए, डालते हैं एक नज़र भारत और पड़ोस में घटी ऐसी ही कुछ प्रमुख घटनाओं पर- | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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