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![]() भारत की आर्थिक तस्वीर भारतीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2006-07 के दौरान भारत में आर्थिक विकास की गति 9.4 फ़ीसदी के रिकॉर्ड स्तर को छू गई.
आज़ादी के बाद दूसरी बार विकास की गति इतनी तेज़ रही है. इससे पहले वर्ष 1988-89 में विकास दर 10.5 फ़ीसदी दर्ज की गई थी. फिलहाल भारतीय अर्थव्यवस्था मैनुफ़ैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र की पटरी पर सरपट दौड़ रही है. मैनुफ़ैक्चरिंग यानी कल-कारखानों में उत्पादन 12.3 फ़ीसदी और सेवा क्षेत्र 13 फ़ीसदी की गति से बढ़ रहा है. पूरी दुनिया में चीन ही एकमात्र ऐसा देश है जिसकी विकास दर भारत से ज़्यादा है. पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान दर्ज आर्थिक विकास दर का औसत निकाला जाए तो यह 8.6 फ़ीसदी बैठती है. केंद्र सरकार ने उम्मीद जताई है कि 2007-08 के दौरान भी विकास दर नौ फ़ीसदी के ऊपर रहेगी. हालाँकि कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों को इसमें संदेह है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) का कहना है कि ब्याज दरें बढ़ने के कारण विकास की गति मंद पड़ सकती है. आईएमएफ़ का आकलन है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान विकास दर 7.8 प्रतिशत रहेगी. (प्रस्तुति- आलोक कुमार) | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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