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![]() मार गई महँगाई बढ़ती महँगाई ने आम लोगो को अधिक जेब ढीली करने पर मज़बूर किया है तो आम जनता भी इससे निपटने के लए अलग-अलग तरीक़े अपना रही है.
पिछले पाँच-छह वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि हवाई यात्रा से लेकर आलू-प्याज़ की क़ीमतें सभी महँगाई की ज़द में हैं. सब्ज़ियों और आटे -दाल के भाव ने जहाँ कम आय वर्ग के लोगों को प्रभावित किया है, वहीं एसी, फ़्रिज़, कार, हवाई यात्रा के दाम बढ़ने से अधिक आय वर्ग के लोग भी प्रभावित हुए हैं. हालत यहाँ तक आन पहुँची है कि कई निजी कंपनियों को अपने मुलाज़िमों की हवाई यात्रा पर अंकुश लगानी पड़ी है ताकि कंपनी के खर्चे को कम रखा जा सके. ऐसे में ये जानना दिलचस्प है कि एक दिहाड़ी मज़दूर से लेकर नियमित कमाई पर आश्रित परिवार इस कमरतोड़ महँगाई से कैसे जूझ रहा है और ख़ास कर रसोई का ज़िम्मा संभालने वाली महिलाएँ महँगाई को किस रुप में देखती है. तो आईए बाँटते हैं महँगाई का दर्द - आम लोगों की ज़ुबानी. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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