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सत्ता का पिरामिड
आजकल चीन में सरकार सत्ता के पिरामिड के शीर्ष पर बैठे नौ लोग चलाते हैं, जिनकी पकड़ हर गाँव, शहर और हर दफ़्तर पर है. इन लोगों ने कभी चुनावों का सामना नहीं किया है. उनका उपर पहुँचने का रास्ता संरक्षकों के आशीर्वाद, योग्यता और ऐसी राजनीतिक संस्कृति में बचकर रहने से बना है, जहाँ कुछ भी ग़लत बोलने से ज़िदंगी भर के लिए नज़रबंद किया जा सकता है या उससे भी बड़ी सज़ा हो सकती है. आधिकारिक रुप से उनकी शक्ति, निर्णय लेने वाली संस्था पोलित ब्यूरो में उनकी स्थिति से सबंधित होती है. लेकिन चीन में व्यक्तिगत सबंध पद से अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं. एक नेता की शक्ति वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों के बीच उसकी निष्ठा पर निर्भर करती है. यही कारण है कि सभी आधिकारिक पदों को छोड़ देने के बाद भी तेंग ज़ियाओपिंग लंबे समय तक सर्वोच्च स्थान पर बने रहे. इससे यह स्पष्ट होता है कि क्यों पार्टी के वरिष्ठ नेता कभी-कभी बड़े निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं. पोलित ब्यूरो तीन अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं पर नियंत्रण रखता है और इस बात पर भी नज़र रखता है कि पार्टी की नीतियों को लागू किया जाए. यह संस्थाएं हैं सैन्य आयोग जो सेनाओं पर नियंत्रण रखता है, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस या संसद और राष्ट्रीय परिषद जो सरकार की प्रशासनिक इकाई का काम करती है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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