![]() | तस्वीरें देखने के लिए नंबरों पर क्लिक करें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
|
![]() | ग़िलाफ़ और हिज़ाम ख़ाना-ए-काबा के ग़िलाफ़ (चादर) को आठ पट्टियाँ थामें रहती हैं. इन पट्टियों के बारे में ख़याल है कि मिस्र की राजधानी काहिरा में तैयार की गई थीं. काले और सुनहरी साटन पर सोने और चांदी के तारों से कशीदाकारी की गई है. इस पर बिसमिल्लाह और क़ुरआन की सूरा अल इमरान की आयत 95 और 96 लिखी हैं.
ग़िलाफ़ की तरह हिज़ाम भी हर साल हज के मौक़े पर बदला जाता है. 'इस्लाम:कला के झरोखे से'नाम की एक प्रदर्शनी लंदन में लगी है जिसमें इस्लाम की धरोहर को दिखाया गया है. इस प्रदर्शनी को कैमरे की नज़र से देखने की कोशिश की है बीबीसी उर्दू सेवा के उमर आफ़रीदी ने. | |||
| ^^पेज पर ऊपर जाएँ | |||