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दूसरे विश्वयुद्ध के भयंकर परिणाम के बाद, शांतिप्रिय देशों के संगठन के रुप में 1945 में संयुक्त राष्ट्र का जन्म हुआ. संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को युद्द की विभीषिका से बचाना था. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद को विशेष रुप से विश्व शांति और सुरक्षा बनाए रखने की ज़िम्मेदारी दी गई. सुरक्षा परिषद की पहली बैठक 1946 में हुई.
एक समय सुरक्षा परिषद को कार्रवाई न करने वाली संस्था कहते हुए आलोचना की जाती थी लेकिन विश्व पटल पर हाल के वर्षों में उसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इनमें प्रतिबंधों को लागू करना और संघर्षों को रोकने के लिए सैनिक कार्रवाई की अनुमति देना शामिल है. | |