![]() | अगले पन्ने पर जाने के लिए नंबरों पर क्लिक करें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
|
![]() जादूगोड़ा का जादुई सच | कचरे के साथ जीते लोग ये रास्ता जाता है सीधे उन टेलिंग पांड्स की तरफ जहां यूरेनियम ख़नन के बाद निकलने वाला हज़ारों टन कचरा फेंका जाता है. इससे ठीक सौ डेढ़ सौ मीटर दूर लोग रहते हैं. इस रास्ते पर जाना आधिकारिक रुप से मना है लेकिन रोकने वाला कहीं कोई भी नहीं है. हवाएं चलती हैं तो कचरा उड़ कर भोजन में पानी में आकर मिलता है. जादूगोड़ा में अभी तीन और नए टेलिंग पांड्स बन रहे हैं. बगल से झरना बहता है जिसका पानी लोग पीने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. पास ही बसी कॉलोनी के कभी निवासी रहे हैं बीबीसी संवाददाता सुशील झा. उनके कैमरे से देखिए इस कचरे के साथ जीते लोगों का जीवन... | |||
| ^^वापस ऊपर चलें | |||