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![]() कुछ खट्टा-कुछ मीठा ऐसी घटनाएँ कम होती हैं, मगर हर साल होती ज़रूर हैं, जब किसी क्षेत्र का कोई व्यक्तित्व ऐसे कारण से ख़बर बनता है जिसका उसके पेशे से सीधा वास्ता नहीं होता.
कभी किसी का परिवार बढ़ना सुर्खी बनता है तो कभी किसी का परिवार टूटना. कभी किसी की मुस्कान ख़बरों में छपती है तो कभी किसी का दर्द. ऐसी ही कुछ घटनाएँ इस साल भी हुईं..... | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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