अफ़ग़ानिस्तान में जीवन
आधुनिक काल में अफ़ग़ानिस्तान इतनी अस्थिरता और संघर्षों के दौर का गवाह रहा है कि इसकी अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढाँचा लगभग ध्वस्त हो चुका है. इसके अलावा देश के लोग बड़ी संख्या में शरणार्थियों के रूप में जीवन बिता रहे हैं. इतना ही नहीं इस देश को सूखे और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना करना पडा है. इसकी भौगोलिक स्थिति कुछ ऐसी है कि ये मध्य पूर्व और मध्य एशिया के साथ ही भारतीय उपमहाद्वीप से घिरा हुआ है. जब 1979 में तत्कालीन सोवियत संघ की सेनाओं ने अफ़ग़ानिस्तान में प्रवेश किया तो देश युद्ध का अखाड़ा बन गया जिसके बाद अमरीकी और अफ़ग़ानिस्तान के पड़ोसी देश भी उसमें शामिल हो गए. मगर जब सोवियत फ़ौजें बाहर हुईं तो बाक़ी दुनिया की रुचि भी अफ़ग़ानिस्तान से समाप्त हो गई.
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