BBC World Service LogoHOMEPAGE | NEWS | SPORT | WORLD SERVICEDOWNLOAD FONT | News image
कश्मीर का भविष्य
News imageNews imageNews imageNews imageNews imageNews imageNews image
News image
संभावना-1
News image
संभावना-2
News image
संभावना-3
News image
संभावना-4
News image
संभावना-5
News image
संभावना-6
News image
संभावना-7
News image
 
संभावनाएँ देखने के लिए नक्शों पर क्लिक करें
  आगे 
 अभी जैसी स्थिति रहे
 
अभी जैसी स्थिति रहे
लगभग आधी सदी से जम्मू कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का मुख्य मुद्दा रहा है. ये क्षेत्र इस समय एक नियंत्रण रेखा से बँटा हुआ, जिसके एक तरफ़ का हिस्सा भारत के पास है और दूसरा पाकिस्तान के पास. कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि भारत मौजूदा हालत को एक औपचारिक जामा पहनाकर नियंत्रण रेखा को एक अंतरराष्ट्रीय सीमा का रूप देने के लिए तैयार हो सकता है लेकिन अभी तक यह उसका आधिकारिक रुख़ नहीं है. लेकिन पाकिस्तान और कश्मीरी लोग इसका विरोध करते हैं.

1947-48 में भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू कश्मीर मुद्दे पर पहला युद्ध हुआ था जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में युद्धविराम समझौता हुआ. इसके तहत एक युद्धविराम सीमा रेखा तय हुई, जिसके मुताबिक़ जम्मू कश्मीर का लगभग एक तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के पास रहा जिसे पाकिस्तान 'आज़ाद कश्मीर' कहता है. लगभग दो तिहाई हिस्सा भारत के पास है जिसमें जम्मू, कश्मीर घाटी और लद्दाख शामिल हैं.

1972 के युद्ध के बाद शिमला समझौता हुआ जिसके तहत युद्धविराम रेखा को 'नियंत्रण रेखा' का नाम दिया गया.

हालाँकि भारत पूरे जम्मू कश्मीर को अपना हिस्सा बताता है, लेकिन कुछ पर्यवेक्षक यह भी कहते हैं कि वह कुछ बदलावों के साथ नियंत्रण रेखा को अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में स्वीकार करने के पक्ष में है. अमरीका और ब्रिटेन भी नियंत्रण रेखा को अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाने के हिमायती हैं.

पर पाकिस्तान इसका विरोध करता है क्योंकि नियंत्रण रेखा को अंतरराष्ट्रीय सीमा बनाने से मुस्लिम-बहुल कश्मीर घाटी भी भारत के ही पास रह जाएगी. कश्मीर की आज़ादी के लिए लड़ रहे लोग भी ऐसे किसी समझौते का विरोध करते हैं.
 
^^हिंदी<< पहले पन्ने पर चलें