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![]() बजट पर एक नज़र बजट पर एक नज़र वित्त मंत्री पी चिदंबरम और यूपीए सरकार के इस चौथे बजट में आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता तो जताई गई लेकिन मुख्य ज़ोर रहा महँगाई पर. वित्त मंत्री ने माना कि खाद्य पदार्थों की आपूर्ति में असंतुलन जारी रहा तो यह अर्थव्यवस्था के लिए घातक होगा.
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष मार्च तक मुद्रास्फ़ीति यानी महँगाई की दर घट कर 5.4 से 5.2 फ़ीसदी के बीच आ जाएगा. इसके बावजूद वित्त वर्ष 2007-08 के दौरान 9.2 फ़ीसदी आर्थिक विकास दर हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया. पिछले तीन वर्षों के दौरान औसत आर्थिक विकास दर 8.6 फ़ीसदी रही. चालू वित्त वर्ष के दौरान सबसे ज़्यादा विकास मैनुफैक्चरिंग (11.3 फ़ीसदी) और सेवा (11.2 फ़ीसदी) क्षेत्र में हो रहा है. कितने का बजट अगले वित्त वर्ष के लिए योजना मद में दो लाख पाँच हज़ार 100 करोड़ रूपए और ग़ैर योजना मद में चार लाख 35 हज़ार 421 करोड़ रूपए खर्च होंगे. इस तरह कुल बजट छह लाख 40 हज़ार 520 करोड़ रूपए का निर्धारित किया गया है. ग़ैर योजना मद में अधिकतर खर्चे सरकारी कर्माचरियों के वेतन, पेंशन और अन्य ग़ैर उत्पादक योजनाओं में होता है और इस मद में होने वाले खर्च को कम करने पर बल दिया जाता रहा है. वित्त मंत्री ने कहा है कि सरकार इस दिशा में धीरी-धीरे सफल हो रही है और सरकारी व्यय प्रबंधन को मजबूत बनाया जा रहा है. वर्ष 2007-08 के दौरान राजस्व घाटा गिर कर 1.5 फ़ीसदी और राजकोषीय घाटा कम होकर 3.3 फ़ीसदी हो जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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