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![]() विज्ञान जगत के लिए वर्ष 2005 आमतौर पर सफलताओं का वर्ष रहा है, हालाँकि कुछ बड़ी नाकामियाँ भी सामने आईं. पिछले साल पड़ी सूनामी की मार से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई दुनिया को इस साल के उत्तरार्द्ध में भूकंप और तूफ़ानों की विभीषिका झेलनी पड़ी. हरिकेन और चक्रवातों की बढ़ी तीव्रता को देखते हुए जलवायु परिवर्तन का मुद्दा एक बार फिर गंभीर बहस का मुद्दा बनकर उभरा. अच्छी बात यह रही कि साल के अंत में मॉन्ट्रियल सम्मेलन में क्योटो संधि को 2012 से आगे बढ़ाने के लिए बातचीत पर सहमति बन गई. अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में इस साल कई सफलताएँ देखने को मिली हैं. जापान के वैज्ञानिकों को एक एस्टेरॉयड की सतह के नमूने लेने में सफलता मिली है. भारत ने अपना संचार उपग्रह इनसेट-4ए भूस्थिर कक्षा में स्थापित किया जो देश में डीटीएच टेलीविज़न क्रांति का वाहक बन सकेगा. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने वीनस एक्सप्रेस नामक यान को धरती के सबसे क़रीबी ग्रह शुक्र की ओर रवाना किया है. इस साल चीन ने अपने दो नागरिकों को अंतरिक्ष की सफल यात्रा करा के स्पेस साइंस में अपनी बढ़ती ताक़त का उदाहरण पेश किया. अमरीकी स्पेस शटल कार्यक्रम के लिए भी यह साल उत्साह बढ़ाने वाला रहा क्योंकि कोलंबिया शटल की दुर्घटना के ढाई साल बाद कोई शटल अंतरिक्ष में भेजा गया. ट्यूनीशिया में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आयोजित सूचना समाज विश्व शिखर सम्मेलन के दौरान इंटरनेट साइटों के पते या डोमेन नेम के प्रबंधन की ज़िम्मेदारी कैलीफ़ोर्निया स्थित अलाभकारी संगठन आइकैन के हाथों में रहने देने पर सहमति बन गई. हालाँकि साथ ही आगे इस मुद्दे पर नए सिरे से विचार किया जाएगा. इसी सम्मेलन में 100 डॉलर वाला लैपटॉप कंप्यूटर भी पेश किया गया. हरे रंग के इस लैपटॉप को ग्रीन-मशीन नाम दिया गया है. इसे बिना बिजली के भी चलाया जा सकता है. इस साल गूगल ने एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत लाखों पुस्तकों की ऑनलाइन लाइब्रेरी बनाने का काम शुरू किया है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस साल के अंतिम महीनों में बर्ड फ़्लू के पूर्वी एशियाई देशों से चलकर यूरोप पहुँचने की ख़बर छाई रही. हालाँकि अभी तक बर्ड फ़्लू की महामारी की आशंका निर्मूल ही साबित हुई है. एचआईवी-एड्स के मामले में इस साल स्थिति कुल मिलाकर निराशाजनक ही रही और संयुक्त राष्ट्र ने माना कि दुनिया में एचआईवी संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. अंग प्रतिरोपण के क्षेत्र में इस साल फ़्रांस के चिकित्सकों ने एक लंबी छलांग लगाई चेहरे का आंशिक प्रतिरोपण करने में सफल रह कर. लेकिन साल के अंत में दक्षिण कोरिया के क्लोनिंग विशेषज्ञ वू सुक ह्वांग के व्यक्ति विशेष के शरीर के अनुरूप स्टेम कोशिका विकसित करने के दावे के झूठा साबित होने से पूरे चिकित्सा जगत को झटका लगा. वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी यह साल मिलाजुला रहा. पर्यावरणवादियों के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने 800 जीव प्रजातियों की सूची तैयार की है जो कि लुप्तप्राय मानी जाती हैं. लेकिन दूसरी ओर विश्व वन्यजीव निधि के विशेषज्ञों को बोर्नियो के घने जंगलों में लाल रंग के एक ऐसे जानवर का पता चला है जिसे स्तनपायी जानवरों की नई प्रजाति माना जा रहा है. विशेषज्ञों को इस जानवर की दो तस्वीरें खींचने में सफलता मिली है. इसी तरह इस साल मॉरीशस में वैज्ञानिकों को सदियों पहले लुप्त हो गई पक्षी प्रजाति डोडो की हड्डियाँ खोजने में सफलता मिली. >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>संकलन और प्रस्तुति: नलिन कुमार<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<<< | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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