| शहरी बाबू गांव में | |||
![]() | सत्य प्रकाश पाठक 35 वर्षों से झारखंड की राजधानी रांची में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें पास ही के गांव तिलता जाने का कभी मौक़ा ही नहीं मिला, जब बीबीसी की टीम के साथ वो वहां गए तो उन्हें वहां के जीवन को नज़दीक से जान कर क्या अनुभव हुए, पढ़िए उनके अनुभव: 'तिलता गांव का एक ही सकारात्मक पहलू मुझे नज़र आया जो था वहां का प्राथमिक स्कूल, बच्चे दिल लगा कर पढ़ते हैं और शिक्षक बिना वेतन के भी बच्चों को पढ़ाना अपना नैतिक कर्तव्य समझते हैं.' | ||
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