भीषण गर्मी का सामना दुनिया कैसे कर सकती है?

दुनिया भर में इन दिनों में तेज़ गर्मी का प्रकोप गहराता जा रहा है. यह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को अलग-अलग ढंग से प्रभावित करता है.

आप अपने स्थान का नाम डालिए और देखिए कि आप अपने इलाके में भीषण गर्मी से कैसे बच सकते हैं.

गर्म मौसम के दौरान जब उम्मीद से ज़्यादा और कहीं अधिक समय तक गर्मी महूसस हो तो उसे हीटवेव कहते हैं. हालांकि अलग-अलग जगहों के लिए ये पैमाना अलग-अलग होता है. विश्व स्वास्थय संगठन के मुताबिक दुनिया भर में 1998 से 2017 के बीच 1,66,000 लोगों की मौत अत्यधिक गर्मी की वजह से हुई है. बुज़ुर्गों, कमज़ोर, छोटे बच्चे और गर्मी में घर से बाहर काम करने वाले इसकी चपेट में ज़्यादा आते हैं.

भीषण गर्मी के असर को कम करने और उससे बचाव करने के कुछ उपयोगी तरीक़े

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हीटवेव क्या है और यह इतनी बड़ी समस्या क्यों है?

गर्म मौसम के दौरान जब उम्मीद से ज़्यादा और कहीं अधिक समय तक गर्मी महूसस हो तो उसे हीटवेव कहते हैं. हालांकि अलग-अलग जगहों के लिए ये पैमाना अलग-अलग होता है. विश्व स्वास्थय संगठन के मुताबिक दुनिया भर में 1998 से 2017 के बीच 1,66,000 लोगों की मौत अत्यधिक गर्मी की वजह से हुई है. बुज़ुर्गों, कमज़ोर, छोटे बच्चे और गर्मी में घर से बाहर काम करने वाले इसकी चपेट में ज़्यादा आते हैं.

भीषण गर्मी के असर को कम करने के तरीक़ों के लिए थर्मामीटर को स्क्रॉल करें

कोलकाता में बेहद गर्मी के दौरान छाता का इस्तेमाल करती महिला

छाया तक पहुंच

छाया में सतह का तापमान सूर्य की सीधे रोशनी की तुलना में 15C तक कम हो सकता है. हमें छाया में ठंडक महसूस होती है क्योंकि त्वचा पर पड़ने वाली धूप हमें अधिक गर्मी का अहसास कराती है. शरीर को गर्मी से राहत दिलाने के लिए लोगों को किसी ठंढी जगह पर जाना चाहिए या छायादार या वातानुकूलित भवनों में रहना चाहिए.

कोलंबिया के मेडेलिन में 20 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है, जिसमें दोनों तरफ़ पेड़ लगे हुए हैं. इस कॉरिडोर में साइकिल चलाने का रास्ता और पैदल चलने का रास्ता शामिल है. शहर में सफ़र करने के दौरान यह कॉरिडोर लोगों को छाया मुहैया कराता है. इतना नहीं सड़कों पर धूप में अपना सामान बेचने वाले वेंडरों को भी यह आश्रय देता है.

कोलंबिया के मेडेलिन की ऑरिएंटल एवेन्यू की हवाई तस्वीर, जो ग्रीन कॉरिडोर पर स्थित है

क्या मुझे गर्मी में व्यायाम करना चाहिए?

अगर आपको कोई श्रम वाला काम करना है तो उसे दिन के सबसे ठंडे समय में कीजिए, जो सुबह चार बजे से सात बजे का समय है. दोपहर की गर्मी में ऐसा काम करने से बचें.

रात का तापमान

जब रात में तापमान 20C से नीचे नहीं पहुंचे तो यह स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक होता है. हमारे शरीर के लिए दिन की गर्मी से उबरना कठिन हो जाता है. कुछ देशों में इसे 'ट्रॉपिकल नाइट्स' के नाम से जाना जाता है.

भीषण गर्मी का सामना करने वाली दिल्ली में आर्किटेक्ट 16वीं सदी की निर्माण तकनीकों से प्रेरणा ले रहे हैं. जाली खिड़कियां छोटी छिद्रों की एक जाली होती हैं जिनका आकार संगमरमर या बलुआ पत्थर की मोटाई के समान होता है. इससे सूरज की सीधी रोशनी घरों में कम पहुंचती है और घर के अंदर रात का तापमान कम हो जाता है.

भारत में जाली वाली खिड़कियां

मैं अपने घर को ठंडा कैसे रख सकता हूं?

दिन के समय में घर के खिड़की और दरवाज़ों को बंद रखें. मोटे पर्दे का इस्तेमाल करें. रात के समय घर के सबसे ठंडे कमरे की खिड़की को खोल सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक रात के समय में कमरे का तापमान 24C से कम होना चाहिए.

बाहर काम करने के जोख़िम

24-26C से अधिक तापमान इंसान की श्रम उत्पादकता को कम करता है. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक 33-34C पर स्थिति और ख़राब हो जाती है और किसी भी श्रमिक के काम करने की क्षमता 50 प्रतिशत रह जाती है. इससे सारे काम-धंधे प्रभावित होते हैं, लेकिन घरों से बाहर और अधिक शारीरिक मेहनत वाले कामों में ज़्यादा जोख़िम होता है. अत्यधिक गर्मी से लू भी लग सकती है, जो जानलेवा हो सकती है. आर्द्रता, तेज़ गर्मी और हवा जैसे अन्य कारक गर्मी को बढ़ाते हैं.

अफ्रीक़ा के कुछ देशों ने अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए उपाय किए हैं. गैबॉन में, नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों को आराम के लिए ब्रेक देना और सुरक्षात्मक उपकरण मुहैया करना आवश्यक है. मोज़ाम्बिक में, तापमान 33C से अधिक होने पर ख़नन गतिविधियां बंद कर दी जाती हैं और कैमरून में, इंडोर दफ़्तरों में पर्याप्त वेंटिलेशन होना आवश्यक है.

गैबॉन में कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते श्रमिक

क्या गर्म दिन में गर्म चाय पी सकता हूं?

गर्म पेय पदार्थ आपको ठंडा रखने में मदद करते हैं. भोजन नली और पेट में मौजूद थर्मोसेंसर की प्रतिक्रिया से पूरा शरीर गर्म होगा और इससे पसीना आएगा. पसीना सूखने की स्थिति में आपको ठंडा महसूस होगा. लेकिन यह तरीक़ा नमी वाले दिन काम नहीं करेगा.

सफ़ेदी कराना

शहरों की इमारतें आमतौर पर सीमेंट, बालू, ईंट, कांच और स्टील जैसी सामग्रियों से बनी होती हैं. उनकी छतें भी गहरे रंग की होती है. ये गहरे रंग की वस्तुएं प्रकाश को अवशोषित करती हैं और इसे गर्मी में बदल देती हैं, जिसे अर्बन हीट आइलैंड इफे़ेक्ट के तौर पर जाना जाता है. छतों को सफ़ेद रंग से रंगने से अंदर और बाहर के तापमान को कम किया जा सकता है. इससे होने वाले लाभों का अभी भी अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन कैलिफ़ोर्निया स्थित बर्कले लैब ने पाया है सूर्य की रोशनी को परावर्तित करने वाले सफ़ेद रंग से रंगी एक छत 80 प्रतशित सूर्य की रोशनी को वापस लौटा देती है, जिससे किसी गर्मी की दोपहर में छत की सतह का तापमान सामान्य रूप से 31C तक कम हो जाता है.

सिएरा लियोन की राजधानी फ्रीटाउन में, गैर-लाभकारी संगठन मीर की 'कूल डाउन फ़्रीटाउन' परियोजना सूर्य की रोशनी को प्रतिबिंबित करके और 'हीट आइलैंड' प्रभाव को कम करने से जुड़ी है. इस परियोजना के तहत छतों को शीशे जैसी चमकीली परत की कोटिंग की जाती है. फ़्रीटाउन उन शहरों में शामिल है जहां बढ़ते तापमान के ख़तरों को कम करने के लिए प्रतिबद्ध चीफ़ हीट ऑफ़िसर की तैनाती है.

सफ़ेद छतों वाले शहर की हवाई तस्वीर

लू में खुद को कैसे ठंडा रखूँ?

ठंडे पानी में हाथ और पांव डालने से आपको तत्काल ठंडक महसूस होने लगेगी. कलाई और टखने के पास रक्त नलिकाएं त्वचा के बेहद क़रीब होती हैं, इसलिए आपको तत्काल राहत मिलेगी.

आर्द्रता और शरीर से पसीना वाष्पित होने का तापमान

आर्द्रता हमारे शरीर के गर्मी से निपटने के उपायों को प्रभावित करती है. पसीना निकलने और उसके सूखने से हमें गर्मी से राहत मिलती है. लेकिन हवा में नमी अधिक होने पर पसीना आसानी से नहीं सूखता है. आर्द्रता और गर्मी को आपस में जोड़ते हुए मानव स्वास्थ्य के लिए ख़तरों का आकलन करने के लिए वेट बल्ब टेंपरेचर (डब्ल्यूबीटी) यूनिट विकसित की गई है. इस पैमाने के अनुसार WBT35C को मानव अस्तित्व की सीमा के रूप में देखा जाता है. वेट बल्ब ग्लोबल टेंपरेचर (डब्ल्यूबीजीटी) नामक एक अन्य माप का दायरा अधिक विस्तृत है, जिसमें तापमान, आर्द्रता, हवा की गति, सूर्य का कोण और बादल सब शामिल हैं.

इंडोनेशिया के पूर्वी कालीमंतन शहर में हुए एक अध्ययन से पता चला कि वनों की कटाई से वेट बल्ब ग्लोबल टेंपरेचर (डब्ल्यूवीजीटी) लगभग 2.8Cबढ़ जाता है. पेड़ वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से अपने परिवेश को ठंडा करते हैं, अपनी पत्तियों के माध्यम से पानी छोड़ते हैं और वाष्पीकरण के लिए आसपास के वातावरण से गर्मी अवशोषित करते हैं.

इंडोनेशिया में वनों की कटाई

गर्मी के दिनों में मुझे क्या पहनना चाहिए?

मोटे कपड़े यानी ऊनी, पॉलिस्टर और डेनिम का इस्तेमाल ना करें. लिनन, रेशम, कॉटन या सूती कपड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

विशेषज्ञों से मिली सीख

मध्य पूर्व के रेगिस्तान में रहने वाले और अरबी बोलने वाले बदू या बदूईन खानाबदोश जनजाति से हमलोग काफ़ी कुछ सीख सकते हैं. ये जनजाति शताब्दियों से बेहद गर्म, सूखे जलवायु में रहती आई हैं, जहां औसत तापमान 38Cहोता है.

बदूईन खानाबदोश जनजाति के लोग आमतौर पर सफ़ेद या काले सूती कपड़े पहनते हैं. काला कपड़ा सूर्य की रोशनी को अवशोषित करता है, जिससे गर्मी बढ़ती है. लेकिन ये लोग बहुत ढीले कपड़े पहनते हैं, ऐसे कपड़े और त्वचा के बीच हवा का प्रवाह संवहन प्रवाह से संचालित होता है और गर्मी त्वचा तक नहीं पहुंच पाती है. ये लोग सूर्य की रोशनी से बचने के लिए अपने सिर को भी ढककर रखते हैं.

सहारा रेगिस्तान में चाय पीते बदूईन जनजाति के लोग

एक्सपर्ट की सलाह क्या है?

प्राचीन मिस्र में लोग दरवाज़े और खिड़कियों पर गीले सरकंडे लटकाते थे. ऐसे में जब गर्म हवा कमरे में आती थी तो सरकंडे का पानी वाष्प बनने लगता था और इससे कमरे में ठंडक महसूस होती थी. आज भी लोग गीले तौलिए का इस्तेमाल इस तरीक़े को अपनाने के लिए करते हैं.

अत्यधिक गर्मी की चेतावनी देने वाली व्यवस्था

भीषण गर्मी की आशंका से पहले मिलने वाली चेतावनियों से वे लोग अपनी देखभाल करने के प्रति सचेत होते हैं, जिन्हें ज़्यादा ख़तरा होता है. उदाहरण के लिए, भारत में, दो मौसम केंद्रों पर दो दिनों के लिए अधिकतम तापमान 45C से ऊपर होने पर चेतावनी दी जा सकती है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, दुनिया भर में केवल एक तिहाई हिस्से में ऐसी चेतावनी देने की व्यवस्था है. संगठन 2027 तक दुनिया के सभी हिस्सों तक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था उपलब्ध कराने की अपील कर रहा है.

अफ्रीक़ी देशों में लू को लेकर आरंभिक चेतावनी देनी वाली व्यवस्था मौजूद है लेकिन संसाधनों के अभाव की वजह से यह बहुत कम लोगों तक ही पहुंचा है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के मुताबिक 60 प्रतिशत आबादी तक यह व्यवस्था नहीं पहुंची है. हालांकि रवांडा की मौसम विज्ञान एजेंसी लू के दौरान लोगों को शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने और ख़तरे में आने वाले लोगों की देखभाल को लेकर सलाह निर्देश जारी करती है.

रवांडा के किगाली में छाते के नीचे अपना सामान बेचता वेंडर

एक्सपर्ट की दूसरी सलाह क्या है?

एशिया के कुछ देशों में सिर को ठंडा रखने के लिए पुआल और बुनने लायक रेशों से बनी हुई टोपी का इस्तेमाल करते हैं. इस टोपी को गीला करके पहनते हैं ताकि वाष्पीकरण होने के दौरान सिर को ठंडक महसूस हो.

गर्म हवा की लहरें अब कहीं ज़्यादा तीव्रता से लंबे समय तक चल रही हैं. मध्य पूर्व और अफ्रीक़ी देशों में 2100 तक दोपहर का तापमान 50C तक पहुंचने की भविष्यवाणी की गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि बीते 30 सालों भारत में गर्मी की लहरें तीन दिनों तक बढ़ी हैं और अगले 30 से 40 सालों में इसके 12 से 18 दिनों तक बढ़ने का अनुमान है.

लेकिन दुनिया भर के देशों और शहरों में भीषण गर्मी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए तैयारी विभिन्न चरणों में है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली से लेकर भवन निर्माण की डिज़ाइन तक कई क़दम उठाने की ज़रूरत है.

हीटवेव क्या है और यह इतनी बड़ी समस्या क्यों है?

गर्म मौसम के दौरान जब उम्मीद से ज़्यादा और कहीं अधिक समय तक गर्मी महूसस हो तो उसे हीटवेव कहते हैं. हालांकि अलग-अलग जगहों के लिए ये पैमाना अलग-अलग होता है. विश्व स्वास्थय संगठन के मुताबिक दुनिया भर में 1998 से 2017 के बीच 1,66,000 लोगों की मौत अत्यधिक गर्मी की वजह से हुई है. बुज़ुर्गों, कमज़ोर, छोटे बच्चे और गर्मी में घर से बाहर काम करने वाले इसकी चपेट में ज़्यादा आते हैं.

भीषण गर्मी के असर को कम करने के तरीक़ों के लिए थर्मामीटर को स्क्रॉल करें

इराक़ की राजधानी बगदाद में एक शख़्स थर्मामीटर में 50 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा तापमान दिखाता हुआ

छाया तक पहुंच

छाया में सतह का तापमान सूर्य की सीधे रोशनी की तुलना में 15C तक कम हो सकता है. हमें छाया में ठंडक महसूस होती है क्योंकि त्वचा पर पड़ने वाली धूप हमें अधिक गर्मी का अहसास कराती है. शरीर को गर्मी से राहत दिलाने के लिए लोगों को किसी ठंढी जगह पर जाना चाहिए या छायादार या वातानुकूलित भवनों में रहना चाहिए.

संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में फूड डिलिवरी करने वालों के लिए एयर कंडीशनर जगह की व्यवस्था है, जहां वे आराम कर सकते हैं, पानी पी सकते हैं और अपना फ़ोन चार्ज़ कर सकते हैं. इतना ही नहीं, वे स्वास्थ्य चेकअप भी करा सकते हैं. यह गर्मी के दिनों में फूड राइडरों को नियमित ब्रेक लेने के लिए प्रोत्साहित करने वाली पहल है.

दुबई में मोटरसाइकिल पर फूड डिलिवरी राइडर

क्या मुझे गर्मी में व्यायाम करना चाहिए?

अगर आपको कोई श्रम वाला काम करना है तो उसे दिन के सबसे ठंडे समय में कीजिए, जो सुबह चार बजे से सात बजे का समय है. दोपहर की गर्मी में ऐसा काम करने से बचें.

रात का तापमान

जब रात में तापमान 20C से नीचे नहीं पहुंचे तो यह स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक होता है. हमारे शरीर के लिए दिन की गर्मी से उबरना कठिन हो जाता है. कुछ देशों में इसे 'ट्रॉपिकल नाइट्स' के नाम से जाना जाता है.

पारंपरिक मोरक्कन वास्तुकला की एक विशेषता घरों में आंगन का होना भी है. इसका उपयोग गर्म और शुष्क जलवायु वाले इलाकों में इनडोर भवन के तापमान को कम करने के लिए किया जाता है. इससे घर हवादार होते हैं और शीतलता के लिए पेड़ और पानी की सुविधाएं भी मौजूद होती हैं. इसके मोटी दीवारें भी गर्मी से राहत दिलाती हैं. पारंपरिक तौर पर कमरे आंगन के आस-पास स्थित होते हैं और उनमें बाहर खुलने वाली खिड़कियां नहीं होती हैं, इसलिए कूलिंग इफेंक्ट के चलते घरों का तापमान कम होता है.

मोरक्को के मार्रेकेश में फाउंटेन गार्डेन वाला आंगन

मैं अपने घर को ठंडा कैसे रख सकता हूं?

दिन के समय में घर के खिड़की और दरवाज़ों को बंद रखें. मोटे पर्दे का इस्तेमाल करें. रात के समय घर के सबसे ठंडे कमरे की खिड़की को खोल सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक रात के समय में कमरे का तापमान 24C से कम होना चाहिए.

बाहर काम करने के जोख़िम

24-26C से अधिक तापमान इंसान की श्रम उत्पादकता को कम करता है. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक 33-34C पर स्थिति और ख़राब हो जाती है और किसी भी श्रमिक के काम करने की क्षमता 50 प्रतिशत रह जाती है. इससे सारे काम-धंधे प्रभावित होते हैं, लेकिन घरों से बाहर और अधिक शारीरिक मेहनत वाले कामों में ज़्यादा जोख़िम होता है. अत्यधिक गर्मी से लू भी लग सकती है, जो जानलेवा हो सकती है. आर्द्रता, तेज़ गर्मी और हवा जैसे अन्य कारक गर्मी को बढ़ाते हैं.

ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि खाड़ी देशों में प्रवासी श्रमिक कहीं ज़्यादा ख़तरे में होते हैं क्योंकि उनके पास अत्यधिक गर्मी और उमस से सुरक्षा के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव होता है. वे अत्यधिक गर्मी के दौरान काम की सीमाएं तय करने, श्रमिकों के हितों के लिए गर्मी से राहत दिलाने की व्यवस्था और स्वास्थ्य उपायों को लागू करने का सुझाव देते हैं.

दुबई में दिन में ब्रेक के समय छाया में आराम करता कंस्ट्रक्शन वर्कर

क्या गर्म दिन में गर्म चाय पी सकता हूं?

गर्म पेय पदार्थ आपको ठंडा रखने में मदद करते हैं. भोजन नली और पेट में मौजूद थर्मोसेंसर की प्रतिक्रिया से पूरा शरीर गर्म होगा और इससे पसीना आएगा. पसीना सूखने की स्थिति में आपको ठंडा महसूस होगा. लेकिन यह तरीक़ा नमी वाले दिन काम नहीं करेगा.

सफ़ेदी कराना

शहरों की इमारतें आमतौर पर सीमेंट, बालू, ईंट, कांच और स्टील जैसी सामग्रियों से बनी होती हैं. उनकी छतें भी गहरे रंग की होती है. ये गहरे रंग की वस्तुएं प्रकाश को अवशोषित करती हैं और इसे गर्मी में बदल देती हैं, जिसे अर्बन हीट आइलैंड इफे़ेक्ट के तौर पर जाना जाता है. छतों को सफ़ेद रंग से रंगने से अंदर और बाहर के तापमान को कम किया जा सकता है. इससे होने वाले लाभों का अभी भी अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन कैलिफ़ोर्निया स्थित बर्कले लैब ने पाया है सूर्य की रोशनी को परावर्तित करने वाले सफ़ेद रंग से रंगी एक छत 80 प्रतशित सूर्य की रोशनी को वापस लौटा देती है, जिससे किसी गर्मी की दोपहर में छत की सतह का तापमान सामान्य रूप से 31C तक कम हो जाता है.

भारत के थार रेगिस्तान में एक गैर सरकारी संगठन ने ग़रीब महिलाओं के घरों की छतों की सफ़ेदी कराने में मदद की है. सफ़ेद रंग से सूर्य की रोशनी परावर्ति होती है और इससे घर के अंदर का तापमान कम होता है.

जोधपुर में अपनी छत पर सफ़ेदी करती महिला

लू में खुद को कैसे ठंडा रखूँ?

ठंडे पानी में हाथ और पांव डालने से आपको तत्काल ठंडक महसूस होने लगेगी. कलाई और टखने के पास रक्त नलिकाएं त्वचा के बेहद क़रीब होती हैं, इसलिए आपको तत्काल राहत मिलेगी.

आर्द्रता और शरीर से पसीना वाष्पित होने का तापमान

आर्द्रता हमारे शरीर के गर्मी से निपटने के उपायों को प्रभावित करती है. पसीना निकलने और उसके सूखने से हमें गर्मी से राहत मिलती है. लेकिन हवा में नमी अधिक होने पर पसीना आसानी से नहीं सूखता है. आर्द्रता और गर्मी को आपस में जोड़ते हुए मानव स्वास्थ्य के लिए ख़तरों का आकलन करने के लिए वेट बल्ब टेंपरेचर (डब्ल्यूबीटी) यूनिट विकसित की गई है. इस पैमाने के अनुसार WBT35C को मानव अस्तित्व की सीमा के रूप में देखा जाता है. वेट बल्ब ग्लोबल टेंपरेचर (डब्ल्यूबीजीटी) नामक एक अन्य माप का दायरा अधिक विस्तृत है, जिसमें तापमान, आर्द्रता, हवा की गति, सूर्य का कोण और बादल सब शामिल हैं.

सेटेलाइट से मिले आंकड़े वेट बल्ब टेंपरचेर वाले क्षेत्रों की पहचान सुनिश्चित करने में मदद करते हैं. इससे वैज्ञानिकों को पूर्वानुमान लगाने में भी मदद मिलती है. नासा की ओर से जारी सेटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि 2005 से पाकिस्तान और खाड़ी देश में वेट बल्ब टेंपरेचर 35C की सीमा को पार कर चुका है.

पाकिस्तान के जकोबाबाद में ईंट की चिमनी पर काम करते मज़दूर

गर्मी के दिनों में मुझे क्या पहनना चाहिए?

मोटे कपड़े यानी ऊनी, पॉलिस्टर और डेनिम का इस्तेमाल ना करें. लिनन, रेशम, कॉटन या सूती कपड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

विशेषज्ञों से मिली सीख

मध्य पूर्व के रेगिस्तान में रहने वाले और अरबी बोलने वाले बदू या बदूईन खानाबदोश जनजाति से हमलोग काफ़ी कुछ सीख सकते हैं. ये जनजाति शताब्दियों से बेहद गर्म, सूखे जलवायु में रहती आई हैं, जहां औसत तापमान 38Cहोता है.

बदूईन खानाबदोश जनजाति के तंबूओं में तापमान कम रहता है. वे तंबू के कपड़े पर ऊंट या बकरी के बालों को लगाते हैं, यह तंबू को हवादार रखता है. यह फैब्रिक के आंतरिक गर्मी को अवशोषित कर लेता है और कपड़े के ज़रिए उसे छोड़ता है, इससे अंदर का तापमान कम रहता है.

क़तर में बदूईन जनजाति की महिलाएं और बच्चे तंबू के बाहर

एक्सपर्ट की सलाह क्या है?

प्राचीन मिस्र में लोग दरवाज़े और खिड़कियों पर गीले सरकंडे लटकाते थे. ऐसे में जब गर्म हवा कमरे में आती थी तो सरकंडे का पानी वाष्प बनने लगता था और इससे कमरे में ठंडक महसूस होती थी. आज भी लोग गीले तौलिए का इस्तेमाल इस तरीक़े को अपनाने के लिए करते हैं.

अत्यधिक गर्मी की चेतावनी देने वाली व्यवस्था

भीषण गर्मी की आशंका से पहले मिलने वाली चेतावनियों से वे लोग अपनी देखभाल करने के प्रति सचेत होते हैं, जिन्हें ज़्यादा ख़तरा होता है. उदाहरण के लिए, भारत में, दो मौसम केंद्रों पर दो दिनों के लिए अधिकतम तापमान 45C से ऊपर होने पर चेतावनी दी जा सकती है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, दुनिया भर में केवल एक तिहाई हिस्से में ऐसी चेतावनी देने की व्यवस्था है. संगठन 2027 तक दुनिया के सभी हिस्सों तक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था उपलब्ध कराने की अपील कर रहा है.

अहमदाबाद में 2015 में भीषण गर्मी की चेतावनी टीवी और रेडियो प्रसारणों के अलावा व्हाट्सऐप संदेशों के ज़रिए भी दी गई. पांच साल पहले आयी जानलेवा लू के बाद बनी कार्य योजना में इसे शामिल किया गया था. लू की रोकथाम को लेकर भारत और पाकिस्तान की कार्य योजनाएं सफल रही हैं.

अहमदाबाद में एक गर्म दिन अपने चेहरे पर पानी छिड़कता शख़्स

एक्सपर्ट की दूसरी सलाह क्या है?

एशिया के कुछ देशों में सिर को ठंडा रखने के लिए पुआल और बुनने लायक रेशों से बनी हुई टोपी का इस्तेमाल करते हैं. इस टोपी को गीला करके पहनते हैं ताकि वाष्पीकरण होने के दौरान सिर को ठंडक महसूस हो.

गर्म हवा की लहरें अब कहीं ज़्यादा तीव्रता से लंबे समय तक चल रही हैं. मध्य पूर्व और अफ्रीक़ी देशों में 2100 तक दोपहर का तापमान 50C तक पहुंचने की भविष्यवाणी की गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि बीते 30 सालों भारत में गर्मी की लहरें तीन दिनों तक बढ़ी हैं और अगले 30 से 40 सालों में इसके 12 से 18 दिनों तक बढ़ने का अनुमान है.

लेकिन दुनिया भर के देशों और शहरों में भीषण गर्मी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए तैयारी विभिन्न चरणों में है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली से लेकर भवन निर्माण की डिज़ाइन तक कई क़दम उठाने की ज़रूरत है.

हीटवेव क्या है और यह इतनी बड़ी समस्या क्यों है?

गर्म मौसम के दौरान जब उम्मीद से ज़्यादा और कहीं अधिक समय तक गर्मी महूसस हो तो उसे हीटवेव कहते हैं. हालांकि अलग-अलग जगहों के लिए ये पैमाना अलग-अलग होता है. विश्व स्वास्थय संगठन के मुताबिक दुनिया भर में 1998 से 2017 के बीच 1,66,000 लोगों की मौत अत्यधिक गर्मी की वजह से हुई है. बुज़ुर्गों, कमज़ोर, छोटे बच्चे और गर्मी में घर से बाहर काम करने वाले इसकी चपेट में ज़्यादा आते हैं.

भीषण गर्मी के असर को कम करने के तरीक़ों के लिए थर्मामीटर को स्क्रॉल करें

सारायेवो में जब तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तब लोगों की कोशिश सूर्य की सीधी रोशनी से बचने की होती है.

छाया तक पहुंच

छाया में सतह का तापमान सूर्य की सीधे रोशनी की तुलना में 15C तक कम हो सकता है. हमें छाया में ठंडक महसूस होती है क्योंकि त्वचा पर पड़ने वाली धूप हमें अधिक गर्मी का अहसास कराती है. शरीर को गर्मी से राहत दिलाने के लिए लोगों को किसी ठंढी जगह पर जाना चाहिए या छायादार या वातानुकूलित भवनों में रहना चाहिए.

स्पेन के सेवेलिया में आए दिन तापमान 40C तक पहुंच जाता है. यहां लोग संकरी गलियों में कपड़े का शामियाना लगाकर इमारतों को छाया में रखने की कोशिश करते हैं और ऐसा करने के लिए यहां सरकारी नीति बनी हुई है.

सेवेलिया में दुकानदार सूर्य की रोशनी से बचाव करते हुए

क्या मुझे गर्मी में व्यायाम करना चाहिए?

अगर आपको कोई श्रम वाला काम करना है तो उसे दिन के सबसे ठंडे समय में कीजिए, जो सुबह चार बजे से सात बजे का समय है. दोपहर की गर्मी में ऐसा काम करने से बचें.

रात का तापमान

जब रात में तापमान 20C से नीचे नहीं पहुंचे तो यह स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक होता है. हमारे शरीर के लिए दिन की गर्मी से उबरना कठिन हो जाता है. कुछ देशों में इसे 'ट्रॉपिकल नाइट्स' के नाम से जाना जाता है.

इंग्लैंड में नए नियमों के तहत बड़े शहरों में नई इमारतों में या तो बाहरी शटर लगाने होंगे या सूर्य की गर्मी को रोकने के लिए खिड़की की सतह को चमकीला करना होगा, या दक्षिण की ओर खुलने वाली खिड़कियों पर कपड़े का कवर लगाने की आवश्यकता होगी. यह 'पैसिव कूलिंग' का एक रूप है. यानी इसमें दिन या रात में एयर कंडीशनिंग के उपयोग के बिना भी घर के अंदर के तापमान को कम रखा जा सकता है.

आधुनिक इमारत में बाहरी शटर

मैं अपने घर को ठंडा कैसे रख सकता हूं?

दिन के समय में घर के खिड़की और दरवाज़ों को बंद रखें. मोटे पर्दे का इस्तेमाल करें. रात के समय घर के सबसे ठंडे कमरे की खिड़की को खोल सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक रात के समय में कमरे का तापमान 24C से कम होना चाहिए.

बाहर काम करने के जोख़िम

24-26C से अधिक तापमान इंसान की श्रम उत्पादकता को कम करता है. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक 33-34C पर स्थिति और ख़राब हो जाती है और किसी भी श्रमिक के काम करने की क्षमता 50 प्रतिशत रह जाती है. इससे सारे काम-धंधे प्रभावित होते हैं, लेकिन घरों से बाहर और अधिक शारीरिक मेहनत वाले कामों में ज़्यादा जोख़िम होता है. अत्यधिक गर्मी से लू भी लग सकती है, जो जानलेवा हो सकती है. आर्द्रता, तेज़ गर्मी और हवा जैसे अन्य कारक गर्मी को बढ़ाते हैं.

साउथ अफ्रीक़ा में जब भीषण गर्मी संबंधी स्वास्थ्य अलर्ट आने शुरू हो जाते हैं, तो वहां नियोक्ताओं को दफ़्तरों के अंदर का तापमान कम करने के लिए क़दम उठाने होते हैं. इसकी सालाना निगरानी होती है और उसे काम करने वालों के अनुकूल बनाया जाता है. कर्मचारियों को नियमित रूप से पानी पीने के लिए कहा जाता है. लू से रोकथाम और इसके प्राथमिक उपचार के बारे में कर्मचारियों को जानकारी दी जाती है.

साउथ अफ्रीक़ा में एक गैस प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन साइट पर मौजूद मजदूर

क्या गर्म दिन में गर्म चाय पी सकता हूं?

गर्म पेय पदार्थ आपको ठंडा रखने में मदद करते हैं. भोजन नली और पेट में मौजूद थर्मोसेंसर की प्रतिक्रिया से पूरा शरीर गर्म होगा और इससे पसीना आएगा. पसीना सूखने की स्थिति में आपको ठंडा महसूस होगा. लेकिन यह तरीक़ा नमी वाले दिन काम नहीं करेगा.

सफ़ेदी कराना

शहरों की इमारतें आमतौर पर सीमेंट, बालू, ईंट, कांच और स्टील जैसी सामग्रियों से बनी होती हैं. उनकी छतें भी गहरे रंग की होती है. ये गहरे रंग की वस्तुएं प्रकाश को अवशोषित करती हैं और इसे गर्मी में बदल देती हैं, जिसे अर्बन हीट आइलैंड इफे़ेक्ट के तौर पर जाना जाता है. छतों को सफ़ेद रंग से रंगने से अंदर और बाहर के तापमान को कम किया जा सकता है. इससे होने वाले लाभों का अभी भी अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन कैलिफ़ोर्निया स्थित बर्कले लैब ने पाया है सूर्य की रोशनी को परावर्तित करने वाले सफ़ेद रंग से रंगी एक छत 80 प्रतशित सूर्य की रोशनी को वापस लौटा देती है, जिससे किसी गर्मी की दोपहर में छत की सतह का तापमान सामान्य रूप से 31C तक कम हो जाता है.

न्यूयॉर्क शहर ने छह मिलियन वर्ग मीटर तारकोल की छतों को सफ़ेद रंग से रंग दिया है, जबकि लॉस एंजिल्स शहर ने डामर सड़क की सतहों को हल्के भूरे रंग से रंगना शुरू कर दिया है.

न्यूयॉर्क की सफ़ेद छतों को दिखाने वाली नासा की तस्वीर

लू में खुद को कैसे ठंडा रखूँ?

ठंडे पानी में हाथ और पांव डालने से आपको तत्काल ठंडक महसूस होने लगेगी. कलाई और टखने के पास रक्त नलिकाएं त्वचा के बेहद क़रीब होती हैं, इसलिए आपको तत्काल राहत मिलेगी.

आर्द्रता और शरीर से पसीना वाष्पित होने का तापमान

आर्द्रता हमारे शरीर के गर्मी से निपटने के उपायों को प्रभावित करती है. पसीना निकलने और उसके सूखने से हमें गर्मी से राहत मिलती है. लेकिन हवा में नमी अधिक होने पर पसीना आसानी से नहीं सूखता है. आर्द्रता और गर्मी को आपस में जोड़ते हुए मानव स्वास्थ्य के लिए ख़तरों का आकलन करने के लिए वेट बल्ब टेंपरेचर (डब्ल्यूबीटी) यूनिट विकसित की गई है. इस पैमाने के अनुसार WBT35C को मानव अस्तित्व की सीमा के रूप में देखा जाता है. वेट बल्ब ग्लोबल टेंपरेचर (डब्ल्यूबीजीटी) नामक एक अन्य माप का दायरा अधिक विस्तृत है, जिसमें तापमान, आर्द्रता, हवा की गति, सूर्य का कोण और बादल सब शामिल हैं.

गर्मी या लू, इंसानों के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है, ये बताने के लिए दुनिया भर में विभिन्न तरीक़े हैं. अमेरिका हीट इंडेक्स का इस्तेमल करता है जो हवा के तापमान को आर्द्रता से जोड़ता है. वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ कार्यस्थल की स्थितियों का आकलन करने के लिए वेट बल्ब ग्लोबल टेंपरेचर (डब्ल्यूबीजीटी) के उपयोग की सलाह देते हैं.

शिकागो में गर्मी की चेतावनी वाले साइनबोर्ड

गर्मी के दिनों में मुझे क्या पहनना चाहिए?

मोटे कपड़े यानी ऊनी, पॉलिस्टर और डेनिम का इस्तेमाल ना करें. लिनन, रेशम, कॉटन या सूती कपड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

विशेषज्ञों से मिली सीख

मध्य पूर्व के रेगिस्तान में रहने वाले और अरबी बोलने वाले बदू या बदूईन खानाबदोश जनजाति से हमलोग काफ़ी कुछ सीख सकते हैं. ये जनजाति शताब्दियों से बेहद गर्म, सूखे जलवायु में रहती आई हैं, जहां औसत तापमान 38Cहोता है.

बदूईन खानाबदोश जनजाति के लोग आमतौर पर सफ़ेद या काले सूती कपड़े पहनते हैं. काला कपड़ा सूर्य की रोशनी को अवशोषित करता है, जिससे गर्मी बढ़ती है. लेकिन ये लोग बहुत ढीले कपड़े पहनते हैं, ऐसे कपड़े और त्वचा के बीच हवा का प्रवाह संवहन प्रवाह से संचालित होता है और गर्मी त्वचा तक नहीं पहुंच पाती है. ये लोग सूर्य की रोशनी से बचने के लिए अपने सिर को भी ढक कर रखते हैं.

सहारा रेगिस्तान में चाय पीते बदूईन

एक्सपर्ट की सलाह क्या है?

प्राचीन मिस्र में लोग दरवाज़े और खिड़कियों पर गीले सरकंडे लटकाते थे. ऐसे में जब गर्म हवा कमरे में आती थी तो सरकंडे का पानी वाष्प बनने लगता था और इससे कमरे में ठंडक महसूस होती थी. आज भी लोग गीले तौलिए का इस्तेमाल इस तरीक़े को अपनाने के लिए करते हैं.

अत्यधिक गर्मी की चेतावनी देने वाली व्यवस्था

भीषण गर्मी की आशंका से पहले मिलने वाली चेतावनियों से वे लोग अपनी देखभाल करने के प्रति सचेत होते हैं, जिन्हें ज़्यादा ख़तरा होता है. उदाहरण के लिए, भारत में, दो मौसम केंद्रों पर दो दिनों के लिए अधिकतम तापमान 45C से ऊपर होने पर चेतावनी दी जा सकती है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, दुनिया भर में केवल एक तिहाई हिस्से में ऐसी चेतावनी देने की व्यवस्था है. संगठन 2027 तक दुनिया के सभी हिस्सों तक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था उपलब्ध कराने की अपील कर रहा है.

न्यूयॉर्क में 'बी ए बडी' एक समुदायिक नेतृत्व वाली योजना है जो मौसम के अत्यधिक उतार-चढ़ाव के ख़तरों की चपेट में आने वाले निवासियों की स्वास्थ्य जांच और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में मदद के लिए उन्हें वॉलेंटियरों से जोड़ती है.

न्यूयार्क की खिड़की से बाहर झांकती महिला

एक्सपर्ट की दूसरी सलाह क्या है?

एशिया के कुछ देशों में सिर को ठंडा रखने के लिए पुआल और बुनने लायक रेशों से बनी हुई टोपी का इस्तेमाल करते हैं. इस टोपी को गीला करके पहनते हैं ताकि वाष्पीकरण होने के दौरान सिर को ठंडक महसूस हो.

गर्म हवा की लहरें अब कहीं ज़्यादा तीव्रता से लंबे समय तक चल रही हैं. मध्य पूर्व और अफ्रीक़ी देशों में 2100 तक दोपहर का तापमान 50C तक पहुंचने की भविष्यवाणी की गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि बीते 30 सालों भारत में गर्मी की लहरें तीन दिनों तक बढ़ी हैं और अगले 30 से 40 सालों में इसके 12 से 18 दिनों तक बढ़ने का अनुमान है.

लेकिन दुनिया भर के देशों और शहरों में भीषण गर्मी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए तैयारी विभिन्न चरणों में है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली से लेकर भवन निर्माण की डिज़ाइन तक कई क़दम उठाने की ज़रूरत है.

हीटवेव क्या है और यह इतनी बड़ी समस्या क्यों है?

गर्म मौसम के दौरान जब उम्मीद से ज़्यादा और कहीं अधिक समय तक गर्मी महूसस हो तो उसे हीटवेव कहते हैं. हालांकि अलग-अलग जगहों के लिए ये पैमाना अलग-अलग होता है. विश्व स्वास्थय संगठन के मुताबिक दुनिया भर में 1998 से 2017 के बीच 1,66,000 लोगों की मौत अत्यधिक गर्मी की वजह से हुई है. बुज़ुर्गों, कमज़ोर, छोटे बच्चे और गर्मी में घर से बाहर काम करने वाले इसकी चपेट में ज़्यादा आते हैं.

भीषण गर्मी के असर को कम करने के तरीक़ों के लिए थर्मामीटर को स्क्रॉल करें

फरवरी 2020 में अंटार्कटिका में ईगल द्वीप पर बर्फ़ पिघलने की सेटेलाइट तस्वीर, तब मौसम केंद्रों ने रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया था.

छाया तक पहुंच

छाया में सतह का तापमान सूर्य की सीधे रोशनी की तुलना में 15C तक कम हो सकता है. हमें छाया में ठंडक महसूस होती है क्योंकि त्वचा पर पड़ने वाली धूप हमें अधिक गर्मी का अहसास कराती है. शरीर को गर्मी से राहत दिलाने के लिए लोगों को किसी ठंढी जगह पर जाना चाहिए या छायादार या वातानुकूलित भवनों में रहना चाहिए.

कनाडा के टोरंटो में उन लोगों के लिए अस्थायी कूलिंग सेंटर बनाए गए हैं जिनके पास एयर कंडीशनर नहीं हैं. इन सेंटरों का पता ऑनलाइन मैप से लगाया जा सकता है. इसमें पुस्तकालय, अस्पताल, मनोरंजन केंद्र, पार्क और पूल जैसी ठंडी जगहें भी शामिल हैं.

कनाडा के टोरंटो में मेट्रो हॉल कूलिंग सेंटर

क्या मुझे गर्मी में व्यायाम करना चाहिए?

अगर आपको कोई श्रम वाला काम करना है तो उसे दिन के सबसे ठंडे समय में कीजिए, जो सुबह चार बजे से सात बजे का समय है. दोपहर की गर्मी में ऐसा काम करने से बचें.

रात का तापमान

जब रात में तापमान 20C से नीचे नहीं पहुंचे तो यह स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक होता है. हमारे शरीर के लिए दिन की गर्मी से उबरना कठिन हो जाता है. कुछ देशों में इसे 'ट्रॉपिकल नाइट्स' के नाम से जाना जाता है.

जापान में शोधकर्ताओं ने पारंपरिक जापानी इमारतों की ख़ूबियों को शामिल करने की सिफ़ारिश की है ताकि एयर कंडिशनिंग की ज़रुरत को कम किया जा सके जैसे छप्पर वाली छतों से धूप की गर्मी (सोलर शेडिंग) को कम किया जा सकता है. यह ‘पैसिव कूलिंग’ का ही एक तरीक़ा है जिसमें इमारत की दिशा, डिज़ाइन, छाया की जगह और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री को देखा जाता है ताकि बिना किसी एयर कंडिशनर के इमारत को दिन-रात ठंडा रखा जा सके.

जापान के आइनुकुरा के गांवों में छप्पर वाले पुराने घर

मैं अपने घर को ठंडा कैसे रख सकता हूं?

दिन के समय में घर के खिड़की और दरवाज़ों को बंद रखें. मोटे पर्दे का इस्तेमाल करें. रात के समय घर के सबसे ठंडे कमरे की खिड़की को खोल सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक रात के समय में कमरे का तापमान 24C से कम होना चाहिए.

बाहर काम करने के जोख़िम

24-26C से अधिक तापमान इंसान की श्रम उत्पादकता को कम करता है. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक 33-34C पर स्थिति और ख़राब हो जाती है और किसी भी श्रमिक के काम करने की क्षमता 50 प्रतिशत रह जाती है. इससे सारे काम-धंधे प्रभावित होते हैं, लेकिन घरों से बाहर और अधिक शारीरिक मेहनत वाले कामों में ज़्यादा जोख़िम होता है. अत्यधिक गर्मी से लू भी लग सकती है, जो जानलेवा हो सकती है. आर्द्रता, तेज़ गर्मी और हवा जैसे अन्य कारक गर्मी को बढ़ाते हैं.

ब्रिटेन में पांच लाख कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली जीएमबी कमर्चारी संघ ने कर्मचारियों के लिए क़ानूनी रूप से काम करने की जगहों पर अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस निर्धारित करने की मांग की है. इसके अलावा गर्म हवाएँ चलने के दौरान कूलिंग प्रणाली की उपलब्धता, ड्रेस कोड में लचीलापन, पानी की उपलब्धता और अतिरिक्त ब्रेक लेने की व्यवस्था लागू करने की मांग की है.

पूर्वी यूरोपीय देशों में खेतों में काम करते लोग

क्या गर्म दिन में गर्म चाय पी सकता हूं?

गर्म पेय पदार्थ आपको ठंडा रखने में मदद करते हैं. भोजन नली और पेट में मौजूद थर्मोसेंसर की प्रतिक्रिया से पूरा शरीर गर्म होगा और इससे पसीना आएगा. पसीना सूखने की स्थिति में आपको ठंडा महसूस होगा. लेकिन यह तरीक़ा नमी वाले दिन काम नहीं करेगा.

सफ़ेदी कराना

शहरों की इमारतें आमतौर पर सीमेंट, बालू, ईंट, कांच और स्टील जैसी सामग्रियों से बनी होती हैं. उनकी छतें भी गहरे रंग की होती है. ये गहरे रंग की वस्तुएं प्रकाश को अवशोषित करती हैं और इसे गर्मी में बदल देती हैं, जिसे अर्बन हीट आइलैंड इफे़ेक्ट के तौर पर जाना जाता है. छतों को सफ़ेद रंग से रंगने से अंदर और बाहर के तापमान को कम किया जा सकता है. इससे होने वाले लाभों का अभी भी अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन कैलिफ़ोर्निया स्थित बर्कले लैब ने पाया है सूर्य की रोशनी को परावर्तित करने वाले सफ़ेद रंग से रंगी एक छत 80 प्रतशित सूर्य की रोशनी को वापस लौटा देती है, जिससे किसी गर्मी की दोपहर में छत की सतह का तापमान सामान्य रूप से 31C तक कम हो जाता है.

कनाडा में सफ़ेद छतों के अध्ययन से पता चला है कि वे गर्मियों में बेहद उपयोगी होते हैं, लेकिन सर्दियों में उनके कूलिंग इफ़ेक्ट के कारण हीटर के इस्तेमाल की मांग बढ़ सकती है.

सफ़ेद छतों वाले शहर की हवाई तस्वीर

लू में खुद को कैसे ठंडा रखूँ?

ठंडे पानी में हाथ और पांव डालने से आपको तत्काल ठंडक महसूस होने लगेगी. कलाई और टखने के पास रक्त नलिकाएं त्वचा के बेहद क़रीब होती हैं, इसलिए आपको तत्काल राहत मिलेगी.

आर्द्रता और शरीर से पसीना वाष्पित होने का तापमान

आर्द्रता हमारे शरीर के गर्मी से निपटने के उपायों को प्रभावित करती है. पसीना निकलने और उसके सूखने से हमें गर्मी से राहत मिलती है. लेकिन हवा में नमी अधिक होने पर पसीना आसानी से नहीं सूखता है. आर्द्रता और गर्मी को आपस में जोड़ते हुए मानव स्वास्थ्य के लिए ख़तरों का आकलन करने के लिए वेट बल्ब टेंपरेचर (डब्ल्यूबीटी) यूनिट विकसित की गई है. इस पैमाने के अनुसार WBT35C को मानव अस्तित्व की सीमा के रूप में देखा जाता है. वेट बल्ब ग्लोबल टेंपरेचर (डब्ल्यूबीजीटी) नामक एक अन्य माप का दायरा अधिक विस्तृत है, जिसमें तापमान, आर्द्रता, हवा की गति, सूर्य का कोण और बादल सब शामिल हैं.

गर्मी इंसानों के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है, ये बताने के लिए दुनिया भर में विभिन्न तरीक़े हैं. अमेरिका हीट इंडेक्स का इस्तेमल करता है जो हवा के तापमान को आर्द्रता से जोड़ता है. वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ कार्यस्थल की स्थितियों का आकलन करने के लिए वेट बल्ब ग्लोबल टेंपरेचर (डब्ल्यूबीजीटी) के उपयोग की सलाह देते हैं.

टोरंटो के कर्मचारियों के मुताबिक उनके कार्यस्थल में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के क़रीब है क्योंकि टोरंटो में न्यूनतम तापमान 35 डिग्री से ज़्यादा रह रहा है जो नमी बढ़ने पर 45 डिग्री तक पहुंच रहा है.

गर्मी के दिनों में मुझे क्या पहनना चाहिए?

मोटे कपड़े यानी ऊनी, पॉलिस्टर और डेनिम का इस्तेमाल ना करें. लिनन, रेशम, कॉटन या सूती कपड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

विशेषज्ञों से मिली सीख

मध्य पूर्व के रेगिस्तान में रहने वाले और अरबी बोलने वाले बदू या बदूईन खानाबदोश जनजाति से हमलोग काफ़ी कुछ सीख सकते हैं. ये जनजाति शताब्दियों से बेहद गर्म, सूखे जलवायु में रहती आई हैं, जहां औसत तापमान 38Cहोता है.

बदूईन खानाबदोश जनजाति के लोग आमतौर पर सफ़ेद या काले सूती कपड़े पहनते हैं. काला कपड़ा सूर्य की रोशनी को अवशोषित करता है, जिससे गर्मी बढ़ती है. लेकिन ये लोग बहुत ढीले कपड़े पहनते हैं, ऐसे कपड़े और त्वचा के बीच हवा का प्रवाह संवहन प्रवाह से संचालित होता है और गर्मी त्वचा तक नहीं पहुंच पाती है. ये लोग सूर्य की रोशनी से बचने के लिए अपने सिर को भी ढक कर रखते हैं.

सहारा के रेगिस्तान में चाय पीते बदूईन

एक्सपर्ट की सलाह क्या है?

प्राचीन मिस्र में लोग दरवाज़े और खिड़कियों पर गीले सरकंडे लटकाते थे. ऐसे में जब गर्म हवा कमरे में आती थी तो सरकंडे का पानी वाष्प बनने लगता था और इससे कमरे में ठंडक महसूस होती थी. आज भी लोग गीले तौलिए का इस्तेमाल इस तरीक़े को अपनाने के लिए करते हैं.

अत्यधिक गर्मी की चेतावनी देने वाली व्यवस्था

भीषण गर्मी की आशंका से पहले मिलने वाली चेतावनियों से वे लोग अपनी देखभाल करने के प्रति सचेत होते हैं, जिन्हें ज़्यादा ख़तरा होता है. उदाहरण के लिए, भारत में, दो मौसम केंद्रों पर दो दिनों के लिए अधिकतम तापमान 45C से ऊपर होने पर चेतावनी दी जा सकती है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, दुनिया भर में केवल एक तिहाई हिस्से में ऐसी चेतावनी देने की व्यवस्था है. संगठन 2027 तक दुनिया के सभी हिस्सों तक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था उपलब्ध कराने की अपील कर रहा है.

अनुमान है दक्षिण कोरिया के सोल में 1994 में चली लू से 800 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी. जब दो दिनों तक तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया तो शहर ने लू संबंधित परामर्श देना शुरु किया और फिर अपने हरित क्षेत्र को बढ़ाने के साथ साथ एडर कंडिशनिंग के बिना रहने वाले निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए ठंडे आश्रय मुहैया कराए थे.

साउथ कोरिया के सेंट्रल सियोल में गर्मी से बचाव करने के लिए पंखा करते बुर्ज़ुग

एक्सपर्ट की दूसरी सलाह क्या है?

एशिया के कुछ देशों में सिर को ठंडा रखने के लिए पुआल और बुनने लायक रेशों से बनी हुई टोपी का इस्तेमाल करते हैं. इस टोपी को गीला करके पहनते हैं ताकि वाष्पीकरण होने के दौरान सिर को ठंडक महसूस हो.

गर्म हवा की लहरें अब कहीं ज़्यादा तीव्रता से लंबे समय तक चल रही हैं. मध्य पूर्व और अफ्रीक़ी देशों में 2100 तक दोपहर का तापमान 50C तक पहुंचने की भविष्यवाणी की गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि बीते 30 सालों भारत में गर्मी की लहरें तीन दिनों तक बढ़ी हैं और अगले 30 से 40 सालों में इसके 12 से 18 दिनों तक बढ़ने का अनुमान है.

लेकिन दुनिया भर के देशों और शहरों में भीषण गर्मी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए तैयारी विभिन्न चरणों में है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली से लेकर भवन निर्माण की डिज़ाइन तक कई क़दम उठाने की ज़रूरत है.

हीटवेव क्या है और यह इतनी बड़ी समस्या क्यों है?

गर्म मौसम के दौरान जब उम्मीद से ज़्यादा और कहीं अधिक समय तक गर्मी महूसस हो तो उसे हीटवेव कहते हैं. हालांकि अलग-अलग जगहों के लिए ये पैमाना अलग-अलग होता है. विश्व स्वास्थय संगठन के मुताबिक दुनिया भर में 1998 से 2017 के बीच 1,66,000 लोगों की मौत अत्यधिक गर्मी की वजह से हुई है. बुज़ुर्गों, कमज़ोर, छोटे बच्चे और गर्मी में घर से बाहर काम करने वाले इसकी चपेट में ज़्यादा आते हैं.

भीषण गर्मी के असर को कम करने के तरीक़ों के लिए थर्मामीटर को स्क्रॉल करें

छाया तक पहुंच

छाया में सतह का तापमान सूर्य की सीधे रोशनी की तुलना में 15C तक कम हो सकता है. हमें छाया में ठंडक महसूस होती है क्योंकि त्वचा पर पड़ने वाली धूप हमें अधिक गर्मी का अहसास कराती है. शरीर को गर्मी से राहत दिलाने के लिए लोगों को किसी ठंढी जगह पर जाना चाहिए या छायादार या वातानुकूलित भवनों में रहना चाहिए.

नॉर्वे के स्वालबार्ड में 20 अप्रैल से 22 अगस्त के बीच सूरज डूबता ही नहीं है. जब आसमान पर बादल छाए होते हैं तब भी अल्ट्रा वॉयलेट फिल्टर वाले धूप के चश्मे पहनने की सलाह दी जाती है क्योंकि ध्रुवीय प्रदेशों में अल्टा वॉयलेट किरणें काफ़ी शक्तिशाली रूप से परावर्तित होती हैं वह भी तब जब आपको इसकी उम्मीद भी नहीं होती.

नॉर्वे के स्वालबार्ड में बादलों के पीछे चमकता सूर्य

क्या मुझे गर्मी में व्यायाम करना चाहिए?

अगर आपको कोई श्रम वाला काम करना है तो उसे दिन के सबसे ठंडे समय में कीजिए, जो सुबह चार बजे से सात बजे का समय है. दोपहर की गर्मी में ऐसा काम करने से बचें.

रात का तापमान

जब रात में तापमान 20C से नीचे नहीं पहुंचे तो यह स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक होता है. हमारे शरीर के लिए दिन की गर्मी से उबरना कठिन हो जाता है. कुछ देशों में इसे 'ट्रॉपिकल नाइट्स' के नाम से जाना जाता है.

आपको यहां 'उष्णकटिबंधीय रातों' के अनुभव होने की संभावना नहीं है जहां तापमान 20C से नीचे नहीं जाती है लेकिन अन्य जलवायु में, रात में लगातार उच्च तापमान को स्वास्थ्य के लिए ख़तरा माना जाता है.

शाम के समय रोम में 36 डिग्री सेल्सियस का तापमान

मैं अपने घर को ठंडा कैसे रख सकता हूं?

दिन के समय में घर के खिड़की और दरवाज़ों को बंद रखें. मोटे पर्दे का इस्तेमाल करें. रात के समय घर के सबसे ठंडे कमरे की खिड़की को खोल सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक रात के समय में कमरे का तापमान 24C से कम होना चाहिए.

बाहर काम करने के जोख़िम

24-26C से अधिक तापमान इंसान की श्रम उत्पादकता को कम करता है. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक 33-34C पर स्थिति और ख़राब हो जाती है और किसी भी श्रमिक के काम करने की क्षमता 50 प्रतिशत रह जाती है. इससे सारे काम-धंधे प्रभावित होते हैं, लेकिन घरों से बाहर और अधिक शारीरिक मेहनत वाले कामों में ज़्यादा जोख़िम होता है. अत्यधिक गर्मी से लू भी लग सकती है, जो जानलेवा हो सकती है. आर्द्रता, तेज़ गर्मी और हवा जैसे अन्य कारक गर्मी को बढ़ाते हैं.

साइबेरिया में जंगलों में आग लगना आम बात है. लेकिन 2020 की गर्मियों में, असामान्य रूप से गर्म मौसम, सूखे तूफ़ान और तेज़ हवाओं के संयोजन ने आपातकाल की स्थिति पैदा कर दी, क्योंकि जंगल की आग ने बेल्ज़ियम के आकार के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया था.

साइबेरिया के बर्डिगेस्ट्याख गांव के बाहर जंगल में लगी आग की हवाई तस्वीर ली गई

क्या गर्म दिन में गर्म चाय पी सकता हूं?

गर्म पेय पदार्थ आपको ठंडा रखने में मदद करते हैं. भोजन नली और पेट में मौजूद थर्मोसेंसर की प्रतिक्रिया से पूरा शरीर गर्म होगा और इससे पसीना आएगा. पसीना सूखने की स्थिति में आपको ठंडा महसूस होगा. लेकिन यह तरीक़ा नमी वाले दिन काम नहीं करेगा.

सफ़ेदी कराना

शहरों की इमारतें आमतौर पर सीमेंट, बालू, ईंट, कांच और स्टील जैसी सामग्रियों से बनी होती हैं. उनकी छतें भी गहरे रंग की होती है. ये गहरे रंग की वस्तुएं प्रकाश को अवशोषित करती हैं और इसे गर्मी में बदल देती हैं, जिसे अर्बन हीट आइलैंड इफे़ेक्ट के तौर पर जाना जाता है. छतों को सफ़ेद रंग से रंगने से अंदर और बाहर के तापमान को कम किया जा सकता है. इससे होने वाले लाभों का अभी भी अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन कैलिफ़ोर्निया स्थित बर्कले लैब ने पाया है सूर्य की रोशनी को परावर्तित करने वाले सफ़ेद रंग से रंगी एक छत 80 प्रतशित सूर्य की रोशनी को वापस लौटा देती है, जिससे किसी गर्मी की दोपहर में छत की सतह का तापमान सामान्य रूप से 31C तक कम हो जाता है.

कनाडा में सफ़ेद छतों के अध्ययन से पता चला है कि वे गर्मियों में बेहद उपयोगी होते हैं, लेकिन सर्दियों में उनके कूलिंग इफ़ेक्ट के कारण हीटर के इस्तेमाल की मांग बढ़ सकती है.

सफ़ेद छत वाले शहर की हवाई तस्वीर

लू में खुद को कैसे ठंडा रखूँ?

ठंडे पानी में हाथ और पांव डालने से आपको तत्काल ठंडक महसूस होने लगेगी. कलाई और टखने के पास रक्त नलिकाएं त्वचा के बेहद क़रीब होती हैं, इसलिए आपको तत्काल राहत मिलेगी.

आर्द्रता और शरीर से पसीना वाष्पित होने का तापमान

आर्द्रता हमारे शरीर के गर्मी से निपटने के उपायों को प्रभावित करती है. पसीना निकलने और उसके सूखने से हमें गर्मी से राहत मिलती है. लेकिन हवा में नमी अधिक होने पर पसीना आसानी से नहीं सूखता है. आर्द्रता और गर्मी को आपस में जोड़ते हुए मानव स्वास्थ्य के लिए ख़तरों का आकलन करने के लिए वेट बल्ब टेंपरेचर (डब्ल्यूबीटी) यूनिट विकसित की गई है. इस पैमाने के अनुसार WBT35C को मानव अस्तित्व की सीमा के रूप में देखा जाता है. वेट बल्ब ग्लोबल टेंपरेचर (डब्ल्यूबीजीटी) नामक एक अन्य माप का दायरा अधिक विस्तृत है, जिसमें तापमान, आर्द्रता, हवा की गति, सूर्य का कोण और बादल सब शामिल हैं.

गर्मी या लू, इंसानों के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है, ये बताने के लिए दुनिया भर में विभिन्न तरीक़े हैं. अमेरिका हीट इंडेक्स का इस्तेमल करता है जो हवा के तापमान को आर्द्रता से जोड़ता है. वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ कार्यस्थल की स्थितियों का आकलन करने के लिए वेट बल्ब ग्लोबल टेंपरेचर (डब्ल्यूबीजीटी) के उपयोग की सलाह देते हैं.

टोरंटो के कर्मचारियों के मुताबिक उनके कार्यस्थल में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के क़रीब है क्योंकि टोरंटो में न्यूनतम तापमान 35 डिग्री से ज़्यादा रह रहा है जो नमी बढ़ने पर 45 डिग्री तक पहुंच रहा है.

गर्मी के दिनों में मुझे क्या पहनना चाहिए?

मोटे कपड़े यानी ऊनी, पॉलिस्टर और डेनिम का इस्तेमाल ना करें. लिनन, रेशम, कॉटन या सूती कपड़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

विशेषज्ञों से मिली सीख

मध्य पूर्व के रेगिस्तान में रहने वाले और अरबी बोलने वाले बदू या बदूईन खानाबदोश जनजाति से हमलोग काफ़ी कुछ सीख सकते हैं. ये जनजाति शताब्दियों से बेहद गर्म, सूखे जलवायु में रहती आई हैं, जहां औसत तापमान 38Cहोता है.

बदूईन खानाबदोश जनजाति के लोग आम तौर पर सफ़ेद या काले सूती कपड़े पहनते हैं. काला कपड़ा सूर्य की रोशनी को अवशोषित करता है, जिससे गर्मी बढ़ती है. लेकिन ये लोग बहुत ढीले कपड़े पहनते हैं, ऐसे कपड़े और त्वचा के बीच हवा का प्रवाह संवहन प्रवाह से संचालित होता है और गर्मी त्वचा तक नहीं पहुंच पाती है. ये लोग सूर्य की रोशनी से बचने के लिए अपने सिर को भी ढककर रखते हैं.

सहारा रेगिस्तान में चाय पीते बदूईन

एक्सपर्ट की सलाह क्या है?

प्राचीन मिस्र में लोग दरवाज़े और खिड़कियों पर गीले सरकंडे लटकाते थे. ऐसे में जब गर्म हवा कमरे में आती थी तो सरकंडे का पानी वाष्प बनने लगता था और इससे कमरे में ठंडक महसूस होती थी. आज भी लोग गीले तौलिए का इस्तेमाल इस तरीक़े को अपनाने के लिए करते हैं.

अत्यधिक गर्मी की चेतावनी देने वाली व्यवस्था

भीषण गर्मी की आशंका से पहले मिलने वाली चेतावनियों से वे लोग अपनी देखभाल करने के प्रति सचेत होते हैं, जिन्हें ज़्यादा ख़तरा होता है. उदाहरण के लिए, भारत में, दो मौसम केंद्रों पर दो दिनों के लिए अधिकतम तापमान 45C से ऊपर होने पर चेतावनी दी जा सकती है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, दुनिया भर में केवल एक तिहाई हिस्से में ऐसी चेतावनी देने की व्यवस्था है. संगठन 2027 तक दुनिया के सभी हिस्सों तक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था उपलब्ध कराने की अपील कर रहा है.

कम आबादी वाले ध्रुवीय क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है क्योंकि इस क्षेत्र में लू का असर दुनिया के बाक़ी हिस्सों पर पड़ सकता है. ग्रीनलैंड की बर्फ़ बहुत तेज़ गति से पिघल रही है, जिसका सीधा असर समुद्र के स्तर पर पड़ रहा है और उत्तरी गोलार्ध में आम तौर पर सामान्य से अधिक तापमान का अनुभव हो रहा है, जिसका कुछ हिस्सा ध्रुवीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है. अनुमान है कि 1979 के बाद से आर्कटिक क्षेत्र विश्व की तुलना में लगभग चार गुना तेज़ी से गर्म हुआ है.

स्वालबार्ड में ध्रुवीय भालू का चिन्ह

एक्सपर्ट की दूसरी सलाह क्या है?

एशिया के कुछ देशों में सिर को ठंडा रखने के लिए पुआल और बुनने लायक रेशों से बनी हुई टोपी का इस्तेमाल करते हैं. इस टोपी को गीला करके पहनते हैं ताकि वाष्पीकरण होने के दौरान सिर को ठंडक महसूस हो.

गर्म हवा की लहरें अब कहीं ज़्यादा तीव्रता से लंबे समय तक चल रही हैं. मध्य पूर्व और अफ्रीक़ी देशों में 2100 तक दोपहर का तापमान 50C तक पहुंचने की भविष्यवाणी की गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि बीते 30 सालों भारत में गर्मी की लहरें तीन दिनों तक बढ़ी हैं और अगले 30 से 40 सालों में इसके 12 से 18 दिनों तक बढ़ने का अनुमान है.

लेकिन दुनिया भर के देशों और शहरों में भीषण गर्मी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए तैयारी विभिन्न चरणों में है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली से लेकर भवन निर्माण की डिज़ाइन तक कई क़दम उठाने की ज़रूरत है.

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