|
भूटानी शरणार्थियों के ख़िलाफ कार्रवाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाली मूल के हज़ारों भूटानी शरणार्थी लगातार दूसरे दिन भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल के रास्ते भूटान जाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया है. ये शरणार्थी पश्चिम बंगाल में मेची नदी पर बने पुल को पार करके बंगाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं जहाँ से वो आगे भूटान की ओर जा सके. मंगलवार को जब इन शरणार्थियों ने सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की तो सशस्त्र सीमा बलों (एसएसबी) ने उन पर गोलियाँ चलाईं जिसमें बीस से अधिक शरणार्थी घायल भी हो गए. पुलिस ने पहले आँसू गैस का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया लेकिन जब स्थिति नियंत्रण में नहीं आई तो पुलिस को गोलियाँ चलानी पड़ीं. पुलिस ने कहा है कि उनके भी छह जवानों को चोटें आईं हैं. पुलिस कार्रवाई के बाद सभी शरणार्थी नेपाल की तरफ लौट गए लेकिन आशंका है वो एक बार फिर भूटान जाने की कोशिश कर सकते हैं. निर्वासन भूटान ने दो दशक पहले नेपाली मूल के कई लोगों को निर्वासित कर दिया था और अब ये लोग वापस लौटना चाह रहे हैं. इस मामले मे संयुक्त राष्ट्र हस्तक्षेप कर चुका है और एक योजना के तहत इन लोगों को पश्चिमी देशों में बसाने का प्रस्ताव किया गया था. कई लोगों ने इस प्रस्ताव को माना लेकिन कई शरणार्थी चाहते थे कि उन्हें भूटान वापस जाने दिया जाए जहाँ आने वाले दिनों में संसदीय चुनाव होने वाले हैं. भूटान के साथ अपने बेहतर रिश्तों के मददेनज़र भारत इस मामले में नहीं चाहता कि भूटान को कोई दिक्कत हो और शायद इसी कारण भारत पश्चिम बंगाल के रास्ते शरणार्थियों को भूटान में प्रवेश नहीं करने दे रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें भूटान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा सील03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस भूटान नरेश ने राजगद्दी छोड़ी15 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस भूटान नरेश भारत की यात्रा पर07 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारत-भूटान के बीच नई मैत्री संधि08 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारत से भूटान का सुरक्षा अनुरोध08 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भूटान में राष्ट्रीय चुनावों का अभ्यास21 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||