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मक्का मस्ज़िद धमाके की जांच जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि हैदराबाद की मक्का मस्जिद में हुए धमाके की जाँच चल रही है और इसके पहले किसी निष्कर्ष पर पहुँचना ठीक नहीं. शिवराज पाटिल ने शनिवार को हैदराबाद का दौरा किया जहाँ उन्हें लोगों के ग़ुस्से का भी सामना करना पड़ा. लोग धमाके की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग कर रहे थे. लोगों का कहना है कि पुलिस फ़ायरिंग की घटना के बाद उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है इसलिए धमाके की जाँच सीबीआई से कराई जाए. गृह मंत्री ने कहा कि वे सीबीआई जाँच के ख़िलाफ़ नहीं हैं. लेकिन अभी जाँच चल रही है और अगर आगे इसकी ज़रूरत महसूस हुई तो इसकी सीबीआई जाँच कराने में कोई परेशानी नहीं. चेतावनी पुलिस सूत्रों के हवाले से चरमपंथी संगठनों के नाम के बारे में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अभी यह कहना ठीक नहीं कि धमाके में किसका हाथ हैं. शिवराज पाटिल ने कहा, "हमें किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहिए. हम इस समय कुछ नहीं कह सकते. जाँच के बाद ही कुछ कहना ठीक होगा. हमारे पास कुछ सूचनाएँ हैं लेकिन इसकी जानकारी सार्वजनिक करना जाँच के लिए उचित नहीं होगा." इस बीच विस्फोट के विरोध में हैदराबाद बंद कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा. हालाँकि शहर के मुग़लपुरा इलाक़े में दो समुदायों के बीच पथराव की घटना ज़रूर हुई. पुलिस ने जब हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उस पर भी पथराव हुआ. इस घटना में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए. लेकिन समय रहते स्थिति पर नियंत्रण कर लिया गया और अब इलाक़े में स्थिति सामान्य है. समीक्षा दूसरी ओर मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के नेतृत्व में शनिवार का राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई. जिसमें स्थिति की समीक्षा की गई.
बाद में मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने कहा कि यह धमाका आतंकवादियों की कार्रवाई है. उन्होंने कहा कि इसमें विदेशी हाथ भी हो सकता है. शुक्रवार को हैदराबाद की मक्का मस्जिद में नमाज़ के समय हुए धमाके में 11 लोग मारे गए थे. बाद में पुलिस फ़ायरिंग में पाँच लोगों की मौत हो गई थी. धमाके में 63 लोग घायल हुए थे. इनमें से तीन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. लेकिन बाक़ी के 60 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं. राज्य सरकार ने धमाके में मारे गए लोगों के साथ-साथ पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों को भी पाँच लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है. इसके अलावा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए का मुआवज़ा देने का ऐलान किया है. राज्य सरकार ने मारे गए लोगों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और मकान देने की भी घोषणा की है. घायलों के इलाज का पूरा ख़र्च राज्य सरकार उठाएगी. इस बीच शुक्रवार को मारे गए लोगों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए और उनका अंतिम संस्कार भी शांतिपूर्ण तरीक़े से संपन्न हो गया. | इससे जुड़ी ख़बरें पाटिल का घेराव, सीबीआई जाँच की माँग19 मई, 2007 | भारत और पड़ोस हैदराबाद की मक्का मस्जिद में धमाका, 13 की मौत18 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'धमाके करने वालों का कोई धर्म नहीं'14 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली की जामा मस्जिद में धमाके14 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस कराची बम धमाके में 50 से अधिक मौतें11 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस वाराणसी बम धमाकों में 15 की मौत07 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था30 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस धमाकों से दहल गई दिल्ली30 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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