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मंजूनाथ हत्याकांड में आठ दोषी करार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की एक अदालत ने भारतीय तेल निगम (आईओसी) के अधिकारी एस मंजूनाथ की हत्या के मामले में आठ अभियुक्तों को दोषी करार दिया है. ज़िला न्यायाधीश एएमए आबिदी ने शुक्रवार को यह फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि 19 नवम्बर 2005 को मंजूनाथ की हत्या के लिए दोषी ठहराए गए लोगों को सोमवार को सुनाई जाएगी. खचाखच भरी अदालत में उन्होंने कहा कि अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 58 पृष्ठों के अपने फ़ैसले में दोषियों को भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया. कुछ को शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी करार दिया गया है. इस मामले में आरोप पत्र 15 फ़रवरी 2006 को दाख़िल किया गया था. लंबी सुनवाई अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद मित्तल ऑटोमोबाइल के मालिक पवन कुमार उर्फ़ मोनू समेत सभी आठ अभियुक्तों को हत्या का दोषी करार दिया. भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईएमएम) लखनऊ से स्नातक मंजूनाथ का शव उनकी हत्या के कुछ दिन बाद पड़ोसी ज़िले सीतापुर से बरामद हुआ था. इस युवा अधिकारी ने पेट्रोल पंप से मिलावटी तेल की बिक्री के लिए इसका लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी थी. मंजूनाथ की हत्या पर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी. आईएमएम के छात्रों और अनेक सामाजिक संगठनों ने दोषियों को कड़ी सज़ा दिए जाने की माँग की थी. ग़ौरतलब है कि इस मामले में अपने बयान दर्ज कराने के बाद तीन गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सीलिंग' पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार23 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस निठारी मामले में आरोप पत्र दाखिल22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस अयोध्या के मुक़दमे22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस रायबरेली की अदालत में चलेंगे मामले22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस अजीत जोगी को ज़मानत मिली20 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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