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शुक्रवार, 09 फ़रवरी, 2007 को 11:24 GMT तक के समाचार
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गिरीश हत्याकांड में और गिरफ़्तारियाँ
गिरीश कुमार माहेश्वरी
गिरीश ने साल 2006 में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हैदराबाद ज़िले की पुलिस का कहना है कि इंजीनियर गिरीश कुमार माहेश्वरी का अपहरण और फिर हत्या करने के आरोप में तीन अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

हैदराबाद के पुलिस अधीक्षक ग़ुलाम मुस्तफ़ा कोराई ने बताया कि गिरीश कुमार माहेश्वरी के अपहरण और हत्या के आरोप में गुरूवार को ख़ादिम हुसैन और शाहिद हुसैन को गिरफ़्तार किया था और इन लोगों की निशानदेही पर शुक्रवार को तीन अन्य लोगों को पकड़ा गया है.

गिरफ़्तार किए गए तीन अन्य लोगों के नाम हैं - जावेद अंसारी, मोहम्मद असग़र और मोहम्मद अली अंसारी. इन लोगों की उम्र सत्ताई से तीस साल के बीच बताई गई है. पुलिस इन लोगों के किसी संगठन से संबंधों के बारे में जाँच कर रही है.

पुलिस अधीक्षक ग़ुलाम मुस्तफ़ा कोराई ने बताया कि जावेद अंसारी मूल रूप से कोटड़ी का रहने वाला है लेकिन फिलहाल कराची में रह रहा था. मोहम्मद असग़र टोबा टेक सिंह और मोहम्मद अली लतीफ़ाबाद रहने वाला है.

पाकिस्तानी पुलिस ने हैदराबाद के निकटवर्त्ती क्षेत्र कोटड़ी में एक जला हुआ शव बरामद किया था. कहा जा रहा है कि यह शव एक लापता हिंदू इंजीनियर गिरीश कुमार माहेश्वरी का है.

हैदराबाद पुलिस ने यह शव बुधवार को कोटड़ी की सचल कालोनी से गिरफ़्तार किए गए ख़ादिम हुसैन मिनहास और उनके बेटे शाहिद की शिनाख़्त पर बरामद किया था.

पुलिस का कहना है कि हैदराबाद के लिबर्टी मार्केट इलाक़े से 17 अगस्त 2006 को गिरीश कुमार का उनके घर से अपहरण कर लिया गया था.

इस मामले की रिपोर्ट 14 सितम्बर को दर्ज की गई थी. हैदराबाद के पुलिस अधीक्षक ग़ुलाम मुस्तफ़ा कोराई ने गुरूवार को बीबीसी को बताया था कि गिरीश कुमार के संबंधियों के पास कोटड़ी, कोहाट, हैदराबाद और करांची से फोन पर फिरौती की मांग की जाती रही है.

फिरौती

पुलिस के मुताबिक गिरीश कुमार माहेश्वरी का अपहरण करने के संदिग्ध लोगों ने पहले दो करोड़ फिर एक करोड़ और आख़िर में पचास लाख रुपए की फिरौती की मांग की थी.

पुलिस अधीक्षक कोराई के अनुसार एक संदिग्ध ठिकाने पर छापामारी के दौरान अभियुक्तों ने पुलिस पर गोलीबारी चलाई और झड़प के बाद पुलिस ने ख़ादिम मिनहास और शाहिद को गिरफ़्तार कर लिया जबकि कुछ दूसरे अभियुक्त फ़रार हो गए.

कोराई के अनुसार, शाहिद ने पुलिस को बताया कि उसके भाई ताहिर मिनहास ने गिरीश कुमार माहेश्वरी का अपहरण किया था. पुलिस का कहना है कि ताहिर मिनहास को गिरफ़्तार करने की कोशिश की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक ताहिर का संबंध एक प्रतिबंधित जेहादी गुट से रहा है. अब इन तीनों पर हत्या का मुक़दमा दायर किया गया है.

गिरीश कुमार का संबंध उमरकोट ज़िले के तहसील कनरी से है. उनके पिता सीसपाल दास एक स्थानीय व्यापारी और काउंसिलर हैं. उनका कहना था कि वो पुलिस की जाँच-पड़ताल से तबतक संतुष्ट नहीं हो सकते जब तक कि सभी अभियुक्त और ख़ासकर सुहेल गिरफ़्तार नहीं हो जाते.

उन्होंने बताया कि सुहेल पुत्र महमूद कनड़ी का निवासी है जिसकी निशानदेही पर गिरीश का अपहरण किया गया था.

गिरीश ने साल 2006 में इंजीनयरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. गुरूवार को गिरीश कुमार की हत्या की जानकारी मिलते ही उमरकोट, सामारो, चीलहार, कानटीव, और चहाचहरू जैसे हिंदू बहुल इलाकों में दुकानें बंद हो गईं.

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