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भागलपुर रेल हादसे में 33 लोगों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में भागलपुर के पास 140 साल पुराने एक पुल के जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस रेलगाड़ी के एक डब्बे पर गिर जाने से 33 लोग मारे गए हैं और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. भागलपुर के ज़िलाधिकारी बिपिन कुमार ने बताया है कि अबतक 33 लोगों की शव निकाले जा चुके हैं. स्थानीय सांसद शाहनवाज़ हुसैन ने भी बीबीसी को बताया कि इस दुर्घटना में 30 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. ताज़ा जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह हुए इस हादसे के बाद अनेक लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं. इस घटना में 15 लोग घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उधर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन जेपी बत्रा ने कहा है कि भागलपुर में ट्रेन हादसा पुल तोड़े जाने में बरती गई लापरवाही के कारण हुआ है और इसकी पूरी जांच हो रही है. बीबीसी से बातचीत में बत्रा ने कहा कि शवों को निकालने का काम और राहत कार्य जारी है. उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और प्राथमिक जानकारी जुटाई जा रही है. शनिवार की सुबह जब हावड़ा जमालपुर सुपर एक्सप्रेस भागलपुर स्टेशन पहुंच रही थी उसी समय रेलवे पुल की एक मेहराब ट्रेन पर गिर पड़ी थी. पुल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "यह पुल बहुत पुराना था और इसके स्थान पर नया पुल बन चुका था. पुराने पुल की तीन महराबों में से दो तोड़े जा चुके थे. एक जो बाकी था वो आज उस समय गिरा जब ट्रेन इस पुल के नीचे से गुज़र रही थी." जाँच के आदेश बत्रा ने कहा, "इस मामले में ज़िम्मेदारी तय करनी ज़रुरी है ताकी यह सुनिश्चित हो सके कि आगे से ऐसी कोई घटना न हो. हम पूरी जांच कर रहे हैं." उन्होंने बताया कि घटना में मारे गए और घायल लोगों को पर्याप्त मुआवज़ा दिया जाएगा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को पास के अस्पताल में पहुँचाया गया है जबकि फँसे हुए लोगों को बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं. पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता समीर गोस्वामी का कहना था कि भागलपुर स्टेशन के पास बना एक पुराना सड़क पुल तोड़ा जा रहा था और इसी पुल का मलबा चलती रेलगाड़ी पर जा गिरा. केंद्रीय रेल राज्य मंत्री आर वेलू ने कुछ समाचार एजेंसियों को बताया कि घटनास्थल पर राहत कार्य चल रहा है. बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार कुछ दिन पहले भी इस पुल का एक हिस्सा गिर गया था और ऐसा प्रतीत होता है कि रेलवे प्रशासन ने इस बारे में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती. केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रेल सुरक्षा आयुक्त को इस पूरे मामले की जाँच करने के आदेश दिए हैं. उन्होंने दो वरिष्ठ रेल अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की है. ये अधिकारी ढहने वाले पुल को गिराने के काम की देखरेख कर रहे थे. आवाजाही प्रभावित इस हादसे के कारण इस रेल लाइन पर कई स्थानीय और कुछ राज्य से बाहर जाने वाली रेलगाड़ियों को रोकना पड़ा है और यातायात प्रभावित हुआ है. मणिकांत ठाकुर के अनुसार पुल का हिस्सा जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस रेलगाड़ी की एस-8 बोगी पर गिरा जिससे आधी बोगी तो पूरी तरह मलबे के नीचे धंस गई. स्थानीय प्रशासनिक और रेल अधिकारी घटनास्थल पर हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार क्रेन और अन्य उपकरणों के साथ प्रशासन हरकत में आ गया है लेकिन राहत कार्य काफ़ी धीमी गति से चल रहा है. भारत दुनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्कों में से एक है जहाँ लगभग एक करोड़ तीस लाख लोग हर दिन 14 हज़ार रेलगाड़ियों पर सफ़र करते हैं. हर साल भारतीय रेल नेटवर्क पर लगभग 300 दुर्घटनाएँ होती हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें आंध्र प्रदेश में फिर रेल दुर्घटना | भारत और पड़ोस फ्रंटियर मेल में भीषण आग | भारत और पड़ोस 'तोड़-फोड़ से हुई राजधानी दुर्घटना'03 अक्तूबर, 2002 | पहला पन्ना तस्वीरों में: रेल दुर्घटना 10 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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