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मुल्ला उमर ने कहा कि संघर्ष तेज़ करेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तालेबान नेता मुल्ला उमर ने एक वेबसाइट पर अपने संदेश के माध्यम से धमकी दी है कि 'आगामी कुछ महीनों में अफ़ग़ानिस्तान में आश्यर्चजनक रूप से हिंसा में बढ़ोत्तरी होगी.' इस संदेश में कहा गया है कि राष्ट्रपति हामिद करज़ई को भी एक इस्लामी अदालत के सामने लाया जाएगा 'जिसके न्याय के बारे में सबको जानकारी है.' मुल्ला उमर ने संयुक्त राष्ट्र और नैटो की आलोचना की है और विभिन्न इस्लामी विचारधार के माननेवालों से एकजुट होने की अपील की है. मुल्ला उमर ने ईद के अपने संदेश में कहा है, '' आगामी महीनों में जंग कई गुना और तेज़ होगी और संगठित होगी...मुझे भरोसा है कि जंग आश्चर्यजनक रूप से तेज़ होगी.'' हालांकि इस संदेश की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं हो पायी है. लापता मुल्ला उमर कहाँ है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है. कुछ सूत्रों का कहना है कि वो या तो अफ़ग़ानिस्तान में या फिर पाकिस्तान में हैं. अमरीका पर 11 सितंबर के हमले के बाद जब अमरीका के नेतृत्व वाली सेना ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया था तब मुल्ला उमर को 2001 में आख़िरी बार देखा गया था. कुछ समय पहले राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने मुल्ला उमर को बातचीत का न्योता दिया था लेकिन उन्होंने वह ठुकरा दिया था. राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने तालेबान नेता मुल्ला उमर को न्योता देते समय स्पष्ट किया था कि यदि मुल्ला उमर लोगों के सामने आते हैं तो उन्हें माफ़ी नहीं दी जाएगी और उन्हें अपने कार्यों के लिए जवाब देना होगा. ग़ौरतलब है कि पिछले साल अफ़ग़ानिस्तान में फिर से मेलमिलाप की प्रक्रिया की शुरुआत के बाद सैकड़ों तालेबान लड़ाके आगे आए हैं. इनमें कई वरिष्ठ तालेबान कमांडर और राजनीतिक नेता भी शामिल हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मुल्ला उमर ने करज़ई का न्योता ठुकराया09 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'सैनिक संख्या बढ़ने से हम चिंतित नहीं'17 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पूरा अफ़ग़ानिस्तान अब नैटो के हवाले05 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान को और प्रयास की ज़रूरत'06 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'तालेबान को समर्थन मिलने का ख़तरा'08 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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