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भारतीय दल अफ़ग़ानिस्तान रवाना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में अगवा किए गए भारतीय नागरिक को रिहा करवाने की कोशिशों के तहत एक दल अफ़ग़ानिस्तान रवाना किया गया है. मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक तालेबान ने धमकी दी है कि अगर उनकी माँगे न मानी गईं तो वे अफ़ग़ानिस्तान में अगवा किए गए भारतीय इंजीनियर सूर्यनारायण की हत्या कर देंगे. अफ़ग़ानिस्तान गया दल अपहरण मामले में काबुल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के लोगों की मदद करेगा. इस दल का नेतृत्व भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव केबीएस कटोच कर रहे हैं. दल में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जिन्हें इस तरह की घटनाओं से निपटने का अनुभव है. दल के लोगों को अधिकृत किया गया है कि वे भारतीय नागरिक की रिहाई के लिए सही माध्यमों के ज़रिए संबंधित लोगों से संपर्क करें. अपहरण इससे पहले भारतीय विदेश सचिव ने एक लिखित बयान जारी कर कहा अफ़ग़ानिस्तान में काम कर रहे एक भारतीय इंजीनियर का तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान मामलों के विशेषज्ञ और पत्रकार रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई ने बीबीसी को बताया, "तालेबान के प्रवक्ता ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के समयानुसार शनिवार शाम छह बजे के बाद 24 घंटे के अंदर अफ़ग़ानिस्तान में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावासों को बंद किया जाए, भारतीय कंपनियाँ और भारतीय नागरिक यहाँ से चले जाएँ और भारत सरकार इसका ऐलान करे. ऐसा न करने पर भारतीय इंजीनियर को रविवार शाम के बाद क़त्ल कर दिया जाएगा." रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई ने बताया कि तालेबान के प्रवक्ता ने सेटेलाइट फ़ोन के ज़रिए मीडिया को ये बयान लिखवाया है लेकिन तालेबान प्रवक्ता ने ये नहीं बताया कि वे कहाँ से बोल रहे हैं. अगवा किए गए इंजीनियर के सूर्यनारायण के परिवार वालों को उनके अपहरण की सूचना दे दी गई है. परिवार वालों ने सरकार से सूर्यनारायण को छुड़ाने की अपील की है. रिहाई की कोशिश इससे पहले बीबीसी से बातचीत में भारत के विदेश राज्य मंत्री ई अहमद उन्होंने बताया कि ए सूर्यनारायण बहरीन की एक कंपनी के लिए काम करते हैं. ये कंपनी अफ़ग़ानिस्तान में टेलीकॉम के काम से जुड़ी है. विदेश राज्य मंत्री का कहना था कि भारत सरकार लगातार अफ़ग़ानिस्तान सकार के संपर्क में है और मामले की छानबीन की जा रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों की सरकारें मिलकर भारतीय इंजीनियर को सुरक्षित छुड़वा पाने में कामयाब रहेंगी. भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि ज़ाबुल में तैनात अंतरराष्ट्रीय सुरक्षाबलों से भी संपर्क किया गया है. भारतीय विदेश राज्य मंत्री ने इस बात पर अफ़सोस जताया कि अफ़ग़ानिस्तान में काम करने वाले भारतीय नागरिकों का अपहरण किया जा रहा है. वर्ष 2005 के नवंबर महीने में भी अफ़ग़ानिस्तान में काम कर रहे एक भारतीय ड्राइवर, मनियप्पन रामन कुट्टी का अपहरण किया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई थी. मनियप्पन रामन भारत की बॉर्डर रोड्ज़ ऑर्गेनाइजेशन के लिए काम करते थे और उन्हें नीमरोज़ प्रांत से अगवा किया गया था. भारत सरकार ने इस घटना के लिए तालेबान को ज़िम्मेदार ठहराया था. दिसंबर 2003 में भी अफ़ग़ानिस्तान में दो भारतीयों का अपहरण हुआ था लेकिन उन्हें बाद में छोड़ दिया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें कुट्टी का अंतिम संस्कार हुआ24 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान को सहायता जारी रहेगी'01 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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