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'सती महिमामंडन' मामले में मंत्री तलब | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राजस्थान राज्य में एक विशेष अदालत ने एक किताब में सती प्रथा के कथित महिमामंडन के मामले में राज्य की धार्मिक मामलों की मंत्री को अदालत में हाज़िर होने का आदेश दिया है. सती मामलों के निपटारे के लिए गठित एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को धार्मिक मामलों की मंत्री उषा पुनिया और तीन अन्य लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. ये तीन लोग एक पुस्तक - 'राजस्थान के लोक देवी-देवता' के लेखक, प्रकाशक-विक्रेता और मुद्रक हैं. 'सुनवाई नहीं' न्यायालय का आदेश उस याचिका पर आया है जिसमें लगभग एक दर्जन महिला संगठनों ने आरोप लगाया है कि इस किताब के एक अध्याय में सती प्रथा का महिमामंडन किया गया है. यदि ऐसे मामलों में कोई दोषी पाया जाता है तो उसे पाँच साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है. याचिकाकर्ताओं में से एक संस्था पीपुल्स यूनियन ऑफ़ सिविल लिबर्टीज़ के प्रवक्ता का कहना था कि पुस्तक का कहना है कि 'राजस्थान सती प्रथा के लिए जाना जाता है और पूरे राज्य में कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ कोई स्त्री सती नहीं हुई हो.' इस संगठन की प्रवक्ता कविता श्रीवास्तव का कहना था कि उन्होंने कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की कोशिश की लेकिन जब वे नाकाम रहीं तो उन्हें अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा. | इससे जुड़ी ख़बरें अदालती आदेश का विरोध06 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना सती मामले में कार्रवाई की सिफ़ारिश12 अगस्त, 2002 | पहला पन्ना महिला आयोग सती कांड की जाँच करेगा08 अगस्त, 2002 | पहला पन्ना मध्यप्रदेश में सती का मामला07 अगस्त, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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