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बेनज़ीर भ्रष्टाचार के मामले में बरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो और चार अन्य लोगों को भ्रष्टाचार के आरोप से बरी कर दिया है. कराची की अदालत का कहना है कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका है. बेनज़ीर भुट्टो पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री पद का दुरूपयोग करते हुए अपनी पार्टी के सैकड़ों समर्थकों को पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस में ग़लत तरीक़े से नौकरी दी थी. तकरीबन आठ वर्षों से निर्वासन में रह रहीं बेनज़ीर भुट्टो को इस फ़ैसले से राहत ज़रूर मिली है लेकिन उनके ख़िलाफ़ अभी कई मुक़दमे जारी हैं. बेनज़ीर भुट्टो कहती रही हैं कि उन्हें राजनीतिक साज़िश के तहत फँसाया गया है और उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं किया है. जिस वक़्त फ़ैसला सुनाया गया अदालत में बेनज़ीर भुट्टो के अलावा चारों अन्य लोग मौजूद थे. रिश्वत 1977 में बेनज़ीर भुट्टो की सरकार गिरने के बाद उनके ख़िलाफ़ कई मामले दर्ज़ किए थे जिनमें से एक यह भी था. बेनज़ीर भुट्टो पर सरकारी धन के बड़े पैमाने पर दुरूपयोग का आरोप लगाया गया है, भ्रष्टाचार के आरोपों में उनके पति आसिफ़ ज़रदारी कई वर्ष जेल में बिता चुके हैं. एहतेसाब ब्यूरो के जज प्रकाश लाल अबवाणी ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा,"अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को सही साबित नहीं कर सका है." बेनज़ीर भुट्टो के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार का सबसे गंभीर मुक़दमा स्विट्ज़रलैंड की अदालत में चल रहा है. उन पर और उनके पति पर एक स्विस कंपनी से रिश्वत लेने का आरोप है. | इससे जुड़ी ख़बरें यह मामला आख़िर क्या है? | भारत और पड़ोस बेनज़ीर करेंगी अपील | भारत और पड़ोस स्विस बैंक वाला खेल खत्म? | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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