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विदेशों से मदद पहुँचनी शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में भूकंप से हुई भीषण तबाही के बाद दुनिया के कई देशों ने प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए मदद भेजनी शुरु कर दी है. संयुक्त राष्ट्र वहाँ राहत कार्यों में मदद के लिए विशेषज्ञों का दल भेज रहा है. ब्रिटेन ने पाकिस्तान को एक लाख 77 हज़ार डॉलर की मदद देने की घोषणा की है. ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा है कि यह शुरूआती मदद है और ज़रूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया जा सकता है. भारत ने भी पाकिस्तान को राहत कार्यों में मदद की पेशकश की है. भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को भेजे संदेश में शोक भी व्यक्त किया. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने भारत को धन्यवाद देते हुए कहा है कि इस मदद को स्वीकार करने में संवेदनशील मुद्दा जुड़ा हुआ है. उधर यूरोपीय संघ ने आपातकालीन मदद की पेशकश की है और कहा है कि यदि ज़रूरत हो तो वह तत्काल धन उपलब्ध करवा सकता है. अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा कि शुरूआती तौर पर एक लाख डॉलर की राशि भेजी जा चुकी है और ज़रूरत के मुताबिक़ और राहत भी भेजी जा सकती है. जापन ने दो लाख इक्कीस हज़ार पाउंड की मदद देने की बात कही है. रूस भी तीस सदस्यीय दल पाकिस्तान भेज रहा है. संस्थाएँ भी सक्रिय ब्रिटेन में संयुक्त राष्ट्र की बाल संस्था युनिसेफ़ के प्रमुख डेविड बुल ने कहा, “पाकिस्तान के गोदामो से कपड़े, कंबल, टेंट, दवाएँ और खाने जैसी राहत सामग्री भेजी जा रही हैं. अब सबसे बड़ी चिंता है बीमारियों को फैलने से कैसे रोका जाए.” युनिसेफ़ का कहना है कि भूकंप से प्रभावित बच्चों के लिए राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं. इसके अलावा जेनेवा स्थित अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस ने कहा है कि वो ज़रूरतों के बारे में जानकारी एकत्र कर रहा है और राहत कार्यों के लिए एक लाख छप्पन हज़ार डॉलर देना तय भी कर चुका है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा कि उन्हें भूकंप से मारे गए लोगों और हुए नुक़सान से गहरा आघात पहुँचा है. |
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