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नारज़ किसानों ने धान की फसल फेंकी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के उत्तरी राज्य पंजाब में बुधवार को किसानों ने बड़ी मात्रा में धान की फसल सड़क पर फेंक दी. फसल को पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में बनी विधान सभा से जुड़ी सड़क पर फ़ेका गया. ये किसान इस बात का विरोध कर रहे हैं कि राज्य की खाद्य आपूर्ति एजेंसी ने उनकी फसल ख़रीदने से मना कर दिया है. इसका कारण फसल का घटिया स्तर का होना बताया जा रहा है. लेकिन किसानों का कहना है कि इसमें उनका कोई दोषी नहीं है क्योंकि अप्रत्याशित बारिश के चलते फसल ख़राब हुई है. इससे पहले सोमवार को राज्य के कपूरथला ज़िले की मंडी में एक किसान ने आत्महत्या कर ली थी. इसका कारण ये बताया जा रहा है कि किसान की फसल बारिश के चलते ख़राब हो गई थी और अधिकारियों ने उसे ख़रीदने से मना कर दिया. इस बीच सरकारी प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने में सफल हो गई है. प्रवक्ता ने बताया कि सरकार के अनुरोध के बाद केंद्रीय खाद्य मंत्रालय इस बात पर सहमत हो गया है कि इस साल पंजाब में धान के लिए रखे गए मानक में थोड़ी ढील दी जाए. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||