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पाकिस्तान के पहले हिंदू मुख्य न्यायाधीश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में जस्टिस राना भगवानदास को देश का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है. जस्टिस भगवानदास पाकिस्तान में सर्वोच्च न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठनेवाले पहले हिंदू न्यायाधीश हैं. शुक्रवार को कराची में एक सादे समारोह में उन्हें पाकिस्तान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई गई. 63 वर्षीय जस्टिस भगवानदास केवल 10 दिन के लिए मुख्य न्यायाधीश का दायित्व सँभालेंगे. उन्हें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी की जगह ये पद सौंपा गया है. जस्टिस इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी 10 दिन के लिए चीन की यात्र कर रहे हैं. जस्टिस चौधरी के बाद जस्टिस भगवानदास ही सर्वोच्च न्यायालय में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं. वरिष्ठ न्यायाधीश
जस्टिस राना भगवानदास का जन्म 20 दिसंबर 1942 को सिंध प्रांत की राजधानी कराची में हुआ था. उन्होंने एलएलबी, एलएलएम की डिग्री लेने के अतिरिक्त इस्लामिक अध्ययन में स्नातकोत्तर डिग्री भी हासिल की है. वे 1967 में पाकिस्तान की न्यायिक सेवा से जुड़े. 1994 में वे सिंध उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने. वर्ष 2000 में जस्टिस भगवानदास सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश बने. पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के सर्वोच्च पद पर इससे पहले केवल एक ग़ैर-मुस्लिम न्यायाधीश पहुँच सके हैं. लेकिन इस पद तक पहुँचनेवाले वे पहले हिंदू न्यायाधीश हैं. जस्टिस भगवानदास को पाकिस्तान में संवैधानिक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है. |
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