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भारत में लू से 200 से ज़्यादा मौतें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के विभिन्न हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है. इस मौसमी मार से अब तक 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. हालाँकि ग़ैरसरकारी सूत्रों के अनुसार मरने वालों की संख्या कहीं ज़्यादा है. इसबीच मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के पहुँचने की उम्मीद व्यक्त की है. उल्लेखनीय है कि मानसून इसबार सप्ताह भर देर से केरल पहुँचा था और अब तक यह आंध्र प्रदेश और उड़ीसा नहीं पहुँच पाया है. रविवार को मुंबई में बारिश से लोगों को राहत मिली है. मौतें तेज़ गर्मी और लू से भारत में सबसे ज़्यादा मौतें पूर्वी राज्य उड़ीसा में हुई है. वहाँ पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान 75 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है. ग़ैरसरकारी सूत्रों के अनुसार राज्य में मरने वालों की संख्या 300 से ज़्यादा है. उड़ीसा के तलचेर में शनिवार को तापमान 50 डिग्री सेल्सियस पहुँच गया. पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश में 50 से ज़्यादा लोग लू की भेंट चढ़े हैं. ग़ैरसरकारी सूत्रों के अनुसार राज्य में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत तेज़ गर्मी से हुई है. सरकारी सूत्रों के अनुसार उत्तरप्रदेश में तेज़ गर्मी के कारण 70 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है. पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड से भी मौतों के समाचार मिले हैं. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार बिहार और झारखंड राज्य सरकारों ने बच्चों को तेज़ गर्मी से बचाने के लिए स्कूलों में गर्मियों की छुट्टी सप्ताह भर और बढ़ा दी है. अब इन राज्यों में स्कूल इस महीने के अंत तक बंद रहेंगे. |
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