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दिल्ली में मेनिंजाइटिस को लेकर सतर्कता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि पूरे राज्य में सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे मेनिंजाइटिस को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतें. उसका कहना था कि यदि कोई मामला सामने आता है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य महानिदेशक को दी जाए. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री योगानंद शास्त्री ने बीबीसी को बताया कि अब तक दिल्ली में मेनिंजाइटिस से 14 लोगों की मौत हो चुकी है. उनका कहना है कि मेनिंगोकोकल संक्रमण के 91 संभावित मामले अब तक सामने आए हैं. इधर दिल्ली सरकार ने इस संक्रमण की जानकारी के लिए विज्ञापन अभियान छेड़ा है और स्वास्थ्य अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं. इस मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सलाह दी है कि जो स्वास्थ्य कर्मचारी इसके मरीजों के इलाज में लगे हुए हैं, उन सभी को इससे बचाव के लिए टीके लगाए जाने चाहिए. लक्षण मेनिंगोकोकल संक्रमण में तेज़ बुखार आता है, सिर दर्द, उल्टी, गर्दन में अकड़न होती है और मरीज को दौरा भी पड़ सकता है. साथ ही त्वचा पर खुजली या फिर नीले या बैंगनी रंग के चकत्ते नज़र आते हैं और मरीज बेहोश भी हो सकता है. यह संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसके इलाज में एंटीबायोटिक्स प्रभावी साबित होते हैं. इसमें रोगियों को बिल्कुल अलग जगह रखा जाना चाहिए. दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से बचें. साथ ही लोगों को हिदायत दी गई है कि वे संक्रमित व्यक्ति के भोजन, कपड़े और बर्तनों का इस्तेमाल न करें. |
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