| 1971 युद्ध के नायक अरोड़ा का निधन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वर्ष 1971 में बांग्लादेश की आज़ादी के लिए हुए युद्ध के नायक लेफ़्टिनेंट जनरल अरोड़ा का दिल्ली में निधन हो गया है. 92 वर्ष के जनरल अरोड़ा हृदय की बीमारी से पीड़ित थे और सोमवार की रात उन्हें तकलीफ़ के बाद अस्पताल में दाख़िल किया गया था. देर रात हृदयगति रुक जाने से उनकी मृत्यु हो गई. सेना की ओर से कहा गया है कि उनका अंतिम संस्कार पूरे सैनिक सम्मान के साथ होगा. जनरल अरोड़ा की एक बेटी और एक बेटा है. बेटी दिल्ली में ही रहती हैं और बेटे अमरीका में हैं. समाचार एजेंसियों ने परिवारजनों के हवाले से कहा है कि बेटे के पहुँचने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा. 1971 के नायक जनरल अरोड़ा वही हैं जिनके सामने पाकिस्तान के जनरल एएके नियाज़ी ने 90 हज़ार सैनिकों के साथ आत्मसमर्पण किया था. इस आत्मसमर्पण के बाद ही पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश नाम का एक स्वतंत्र राष्ट्र बना था. इसके बाद जनरल अरोड़ा भारतीय सेना के गौरव का प्रतीक बन गए थे. पिछले साल ही जनरल नियाज़ी का निधन हुआ था. उस समय जनरल अरोड़ा ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा था कि जनरल नियाज़ी बेहद शांत और अल्पभाषी व्यक्ति थे. |
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