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सूनामी चेतावनी केंद्र हैदराबाद में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक सूनामी चेतावनी केंद्र बनाए जाने की मुख्यमंत्री जयललिता के अनुरोध को ठुकरा दिया है. इसके बजाय भारत सरकर ने प्रस्तावित सूनामी चेतावनी केंद्र पास के आंध्र प्रदेश राज्य की राजधानी हैदराबाद में बनाने का फ़ैसला किया है जहाँ कांग्रेस की सरकार है. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को पिछले महीने चिट्ठी लिखी थी कि जिसमें सूनामी चेतावनी केंद्र चेन्नई में बनाए जाने का अनुरोध किया गया था. केंद्रीय विज्ञान और प्रोद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि यह फ़ैसला वैज्ञानिकों के सुझावों के आधार पर किया गया है. उन्होंने कहा, "यह कोई राजनीतिक फ़ैसला नहीं है." कपिल सिब्बल ने बताया कि इस चेतावनी केंद्र को स्थापित करने में अग्रणी एजेंसी के तौर पर हैदराबाद स्थित 'राष्ट्रीय समुद्री सूचना सेवा केंद्र' काम करेगा. सिब्बल ने कहा कि ऐसा करने से सूनामी चेतावनी केंद्र के लिए अलग से इमारत बनाने का ख़र्च बच जाएगा. उन्होंने बताया कि पूरे समुद्र तट पर पानी की सतह पर बिछाए जाने वाले संवेदनशील उपकरण लगाए जाएंगे. जयललिता इससे पहले कह चुकी थीं कि तमिलनाडु के तटों पर पिछले दस साल के दौरान भयंकर तूफ़ान आते रहे हैं उन तूफ़ानों के बाद पिछले साल दिसंबर में सूनामी की तबाही हुई जिससे तमिलनाडु में आठ हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी और लाखों बेघर हो गए थे. |
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