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विद्यानिवास मिश्र का दुर्घटना में निधन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार विद्यानिवास मिश्र की सोमवार को एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई. विद्यानिवास मिश्र एक समारोह में हिस्सा लेने जा रहे थे. इस दौरान उनका वाहन एक पेड़ से जा टकराया. इस दुर्घटना में मिश्र की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई. 79 वर्षीय विद्यानिवास मिश्र राज्यसभा के मनोनीत सदस्य थे. वे हिंदी और संस्कृत के विद्वान थे. उन्हें साहित्य जगत के कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था. इसमें साहित्य अकादमी, कालिदास सम्मान, केंद्रीय हिंदी संस्थान और भारतीय ज्ञानपीठ सम्मान शामिल हैं. उन्हें पद्मविभूषण से भी अलंकृत किया गया. वे संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और काशी विद्यापीठ के कुलपति रहे. उन्होंने राष्ट्रीय दैनिक नवभारत टाइम्स का भी संपादन किया. उनकी हिंदी और अंग्रेज़ी में दो दर्ज़न से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं. इसमें महाभारत का कव्यार्थ और भारतीय भाषादर्शन की पीठिका प्रमुख हैं. ललित निबंधों में तुम चंदन हम पानी, वसंत आ गया और शोधग्रंथों में हिंदी की शब्द संपदा चर्चित कृतियां हैं. उनके निधन पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव व अन्य अनेक लोगों ने शोक व्यक्त किया है. |
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