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एलटीटीई राहत पहुँचाने पर ध्यान देगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में अलगाववादी तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई ने नॉर्वे के मंत्री के साथ बातचीत के बाद सूनामी के बाद लोगों को राहत पहुँचाने पर अपना ध्यान केंद्रित करने का फ़ैसला किया है. लेकिन एलटीटीई ने ये भी कहा है कि राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा. ये फ़ैसला नॉर्वे के विदेश मंत्री जॉन पीटरसन और एलटीटीई के नेता वेलुपिल्लै प्रभाकरन की बातचीत के बात किया गया है. विद्रोहियों के प्रवक्ता एंटन बालासिंघम का कहना था कि एलटीटीई श्रीलंका की सरकार के रवैए से निराश है लेकिन वह उसके और मध्यथता कर रहे लोगों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है. नॉर्वे के विदेश मंत्री पीटरसन का कहना था कि सूनामी की त्रासदी पर जिस तरह राहत कार्य किए गए हैं उसका असर शांति प्रक्रिया पर भी होगा. नार्वे की मध्यस्थता से एलटीटीई और श्रीलंका की सरकार के बीच बातचीत और शांति प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी लेकिन पिछले दो साल से ये ठप पड़ी है. एलटीटीई ने सरकार पर तमिल इलाक़ो में राहत के संदर्भ में भेदभाव करने के आरोप लगाए हैं. लेकिन सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया है. |
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