|
राजस्थान के 18 हज़ार गाँव सूखाग्रस्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राजस्थान राज्य में अधिकारियों ने 18 हज़ार गाँवों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है. राज्य के मंत्रिमंडल की एक आपात बैठक में यह फ़ैसला किया गया. बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की. राज्य के राहत कार्य मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने बताया कि ये प्रभावित गाँव 25 जिलों में फैले हुए हैं और इन ज़िलों में पीने के पानी की भारी समस्या है. उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो इन प्रभावित इलाक़ों से राजस्व की वसूली तुरंत बंद कर दें. राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार से 230 अरब रुपए की वित्तीय सहायता मांगी है. इस बीच राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि सरकार ने स्थिति पर काफ़ी देरी से निपटने की बात की है. राजस्थान में सूखा नई बात नहीं है. दो साल पहले भी राज्य के कई इलाक़ों में स्थिति भयावह थी लेकिन फिर बारिश के बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ था. राज्य में सूखे और अकाल से निपटने के लिए कोई दीर्घावधि योजना अभी तक नहीं है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||