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पाकिस्तान में दो पत्रकार गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के लाहौर शहर में पुलिस ने सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में बुधवार को दो पत्रकारों को गिरफ़्तार कर लिया. ये पत्रकार एक स्थानीय रेडियो स्टेशन के लिए काम करते हैं. पुलिस का कहना है कि सैयद आफ़ाक़ हुसैन और फ़रहत अब्बास शाह को उस समय गिरफ़्तार किया गया जब वे प्रदर्शनकारियों के एक दल में शामिल थे और सरकार की स्वास्थ्य नीतियों के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी कर रहे थे. लेकिन रेडियो स्टेशन के निदेशक उवैस बाजवा का कहना है कि ये गिरफ़्तारियाँ उनके उस कार्यक्रम के प्रसारित होने के बाद की गई है जिसमें एक सरकारी अस्पताल के कामकाज की आलोचना की गई थी. निदेशक ने कहा कि एक पत्रकार को रेडियो स्टेशन परिसर में से ही हिरासत में लिया गया और दूसरे पत्रकार को एक पुलिस स्टेशन से पकड़ा गया है. उन्होंने कहा कि दूसरा पत्रकार थाने में अपने कुछ सहयोगियों के बारे में जानकारी लेने के लिए गया था जिन्हें बंदी बनाया हुआ था. गिरफ़्तार किए गए पत्रकारों ने अपनी ज़मानत के लिए अर्ज़ी दे दी है जिस पर संभवतः गुरूवार को एक विशेष अदालत विचार करेगी. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने हाल ही में एक बयान के ज़रिए अपील की थी कि ज़िम्मेदार पत्रकारिता की जाए और मीडिया को आगाह भी किया था कि रोज़मर्रा की गतिविधियों के बारे में सनसनीख़ेज रिपोर्टिंग से बचें. सूचना मंत्री के इस बयान पर मीडिया संगठनों में ठंडी प्रतिक्रिया हुई थी और इन पत्रकारों की गिरफ़्तारी को मीडिया को धमकाने के एक क़दम के रूप में देखा जा सकता है. |
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