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चंद्रास्वामी सेंट किट्स मामले से बरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली की एक अदालत ने तांत्रिक चंद्रास्वामी को सेंट किट्स मामले से बरी कर दिया है. विशेष अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा कि चंद्रास्वामी के ख़िलाफ़ कोई सुबूत नहीं बन पाए हैं. चंद्रास्वामी पर पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह को बदनाम करने की एक साज़िश में शामिल होने का आरोप था. केंद्रीय जंच ब्यूरो ने इस मामले में चंद्रास्वामी के अलावा उनके एक सहयोगी केएन अग्रवाल उर्फ़ मामाजी, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहा राव और पूर्व केंद्रीय मंत्री केके तिवारी को भी नामज़द किया था. नरसिंहा राव और केके तिवारी इस मामले से पहले ही बरी हो चुके हैं जबकि एक अन्य अभियुक्त मामाजी की मुक़दमे के दौरान ही मौत हो गई थी. सीबीआई ने यह मामला दर्ज कराते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कुछ व्यक्तियों ने ऐसे जाली दस्तावेज़ बनाए थे जिनमें विश्वनाथ प्रताप सिंह के बेटे अजेय सिंह के नाम से सेंट किट्स द्वीप में गोपनीय खाते दिखाए गए थे. अदालत के सोमवार के फ़ैसले के बाद चंद्रास्वामी ने अपने एक बयान में कहा, "मुझे अपने बरी होने से ज़्यादा इस बात की ख़ुशी है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी भी निर्दोष साबित हो गए हैं जिनका नाम वीपी सिंह सरकार ने उछालने की कोशिश की थी". |
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