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शनिवार, 18 सितंबर, 2004 को 15:43 GMT तक के समाचार
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पंसदीदा खाना काँच के टुकड़े और कीलें

पंपा घोष
पंपा घोष को काँच खाते हुए देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं
खाने में किसी को साग-सब्जी ज्यादा पसंद होती है तो किसी को अंडा या माँस. लेकिन अगर किसी को इनकी जगह लोहे की कीलें, शीशे और पत्थर के टुकड़े ज्यादा पसंद हो तो इसे क्या कहेंगे?

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी शहर में रहने वाली 22 वर्ष की पंपा घोष को यही चीजें पसंद हैं. लगभग तीन महीने पहले उसमें पनपी इस विचित्र आदत से उसके घर के लोग और रिश्तेदार परेशान हैं.

उसकी जाँच करने वाले चिकित्सकों ने उसे तुरंत यह आदत छोड़ने की चेतावनी दी है. घरवाले भी लाख कोशिश कर चुके हैं. लेकिन पंपा अपनी यह विचित्र आदत छोड़ने को तैयार नहीं है.

आदत से लाचार
 मैं बीते तीन महीनों से लोहे और कांच के टुकड़े खा रही हूँ. अब यह चीजें मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि चिकित्सकों की चेतावनी के बावजूद मैं इनको नहीं छोड़ सकती
पंपा घोष

वह कहती है कि "मैं बीते तीन महीनों से लोहे और कांच के टुकड़े खा रही हूँ. अब यह चीजें मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि चिकित्सकों की चेतावनी के बावजूद मैं इनको नहीं छोड़ सकती."

अब तो उसकी इस विचित्र आदत के कारण उसके घर लोगों की भीड़ जुटने लगी है. उसे यह चीजें खाते देखने के लिए.

डॉक्टर की सलाह

दो साल पहले पंपा की शादी हुई थी. लेकिन पति से अनबन होने के कारण वह अपने मायके में ही रहती है. पंपा की माँ भारती साहा कहती है कि "जब पहली बार उसे पत्थर के टुकड़े खाते देखा तो मुझे झटका लगा. मुझे लगा कि इससे तो इसकी जान चली जाएगी."

डॉक्टर की रिपोर्ट
डॉक्टरों ने पंपा को चेतावनी दी है कि वह काँच खाना बंद करे

मना करने के बावजूद वह छिप-छिप कर यह चीजें खाती थी. तब पंपा की मां उसे उत्तर बंगाल मेडिकल कालेज अस्पताल ले गई.

वहाँ अल्ट्रासोनोग्राफी के बाद उसके पेट में पत्थर, कांच और लोहे के छोटे-छोटे टुकड़े होने का पता चला.

मेडिकल कालेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर ज्योति विकास साहा कहते हैं कि "उसकी जाँच रिपोर्ट देख कर चिकित्सकों को काफी आश्चर्य हुआ. इतनी चीजें खाने के बाद उसका स्वास्थ्य ठीक है. चिकित्सकों ने उसे तुरंत यह आदत छोड़ने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं करने पर कभी भी उसकी जान जा सकती है."

चेतावनी
 अब तक उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचा है. यह काफी आश्चर्यजनक है. लेकिन पंपा ने अगर तुरंत इन चीजों को खाना बंद नहीं किया तो उसकी जान जा सकती है
डॉक्टर समर गोस्वामी

पंपा की तमाम रिपोर्ट्स मेडिकल कालेज में शोध के लिए रखी गई हैं.

पंपा का परीक्षण करने वाले एक अन्य चिकित्सक डॉक्टर समर गोस्वामी कहते हैं कि "अब तक उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचा है. यह काफी आश्चर्यजनक है. लेकिन पंपा ने अगर तुरंत इन चीजों को खाना बंद नहीं किया तो उसकी जान जा सकती है."

पंपा की इस विचित्र आदत ने उसे सिलीगुड़ी और आसपास के लोगों में चर्चित कर दिया है.

उसके पड़ोसी विश्वजीत चक्रवर्ती कहते हैं कि "पहले तो उसके बारे में सुनकर विश्वास ही नहीं हुआ. लेकिन अपनी आंखों से उसे लोहे और काँच के टुकड़े खाते देखने के बाद यकीन करने के अलावा कोई चारा नहीं था."

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