| वाइको गिरफ़्तार, फिर रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एमडीएमके नेता वाइको को तमिलनाडु में बुधवार को सुबह गिरफ़्तार किया गया और सात घंटे बाद रिहा भी कर दिया गया. उन्हें तब गिरफ़्तार किया गया जब उन्होंने तमिलनाडु में अपनी पदयात्रा के अंतिम चरण में राजधानी चेन्नई में प्रवेश किया था. चेन्नई शहर के बीच से जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. उन्हें चेन्नई में शाम को पहुँचना था लेकिन वह निर्धारित कुछ घंटे पहले ही पहुँच गए. इससे पहले मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा था कि वाइको चेन्नई में केवल इसलिए प्रवेश करना चाहते हैं ताकि उनकी सरकार को जनता की नज़रों में अप्रिय बना सकें. उन्होंने वाइको को चेतावनी भी दी थी कि यदि वे चेन्नई से गुज़रने की कोशिश करते हैं तो पुलिस क़ानून और नियमों के तहत कार्रवाई करेगी. इससे पहले राज्य सरकार ने एमडीएमके नेता वाइको के ख़िलाफ़ आतंकवाद निरोधक क़ानून पोटा के तहत दर्ज मामले वापस लेने का फ़ैसला किया था. वाइको के साथ-साथ उनके आठ अन्य समर्थकों के ख़िलाफ़ भी मामला वापस लेने का फ़ैसला किया गया था. तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के पक्ष में कथित भाषण देने के आरोप में वाइको और उनके समर्थकों को पोटा के तहत गिरफ़्तार किया गया था. लेकिन केंद्र की पूर्व राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार द्वारा गठित एक समीक्षा समिति ने कहा था कि प्रतिबंधित संगठन के पक्ष में बयान देने भर को आतंकवाद की कार्रवाई नहीं समझा जाना चाहिए. |
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