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अरुणाचल प्रदेश सरकार ने पाला बदला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरूणाचल प्रदेश की पूरी सरकार ने ही राजनीतिक पाला बदल लिया है. मुख्यमंत्री गेगांग अपांग अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ भारतीय जनता पार्टी से निकलकर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. अपांग राज्य में भाजपा की ही सरकार चला रहे थे लेकिन उनके इस क़दम से भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है. पूर्वोत्तर क्षेत्र में सिर्फ़ अरूणाचल प्रदेश ही एक ऐसा राज्य था जहाँ भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी. गेगांग अपांग ने अपना ज़्यादातर राजनीतिक जीवन कांग्रेस में ही काटा है लेकिन 1996 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर अरुणाचल कांग्रेस नाम से अपनी एक क्षेत्रीय पार्टी बनाई थी. गेगांक अपांग पिछले साल अगस्त में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे. जानकारों का कहना है कि गेगांग अपांग की पार्टी के कुछ विधायक कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा रखते थे. इसलिए पार्टी में टूट के डर की वजह से अपांग ने यह फ़ैसला किया. विश्लेषकों का कहना है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिबद्धता का अभाव है और नेता अक्सर अपने क्षेत्र के हित देखकर ऐसे फ़ैसले करते हैं कि किस वक़्त किस राष्ट्रीय दल के साथ रहना बेहतर होगा. |
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