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बंधकों की हत्या पर पाकिस्तान में रोष | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इराक़ में बंधक बनाए गए दो पाकिस्तानियों की हत्या को मानवता के ख़िलाफ़ अपराध बताया है. उन्होंने कहा कि अपहर्ताओं ने मानवता और इस्लाम दोनों के ख़िलाफ़ काम किया है. पाकिस्तानी संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर कहा कि इस जघन्य हत्याकांड से पूरा देश दहल गया है. उल्लेखनीय है कि 'इस्लामिक आर्मी इन इराक़' नाम के एक संगठन के वीडियो टेप में दोनों पाकिस्तानी बंधकों आज़ाद हुसैन ख़ान और सज्जाद नईम के शव दिखाए गए हैं. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने वीडियो टेप को असली बताया है. आज़ाद हुसैन एक कुवैती निर्माण कंपनी में इंजीनियर थे, जबकि सज्जाद नईम एक ड्राइवर. अपहर्ताओं ने धमकी दी थी कि यदि दोनों पाकिस्तानियों को नौकरी देनेवाली कुवैती कंपनी इराक़ से अपना कामकाज़ नहीं समेटती तो दोनों को मार दिया जाएगा. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा कि हत्याकांड से मृतकों के परिवार के साथ-साथ पूरा देश स्तब्ध रह गया है. इस बीच बग़दाद में पाकिस्तानी मिशन के प्रमुख मुहम्मद इफ़्तिख़ार अंजुम ने अपहर्ताओं से अपील की है कि वह मारे गए पाकिस्तानी नागरिकों के शव सौंप दे ताकि उनको सलीके से दफ़नाया जा सके. शोक मारे गए बंधकों की स्मृति में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की सरकार ने शुक्रवार को एक दिन का शोक घोषित किया है. पाकिस्तानी कश्मीर स्थित मृतक बंधकों के परिजनों ने गहरे शोक का इज़हार किया है. सज्जाद के पिता मोहम्मद नईम ने कहा, "कैसी वेदना से हमलोग गुजर रहे हैं, ये आप महसूस नहीं कर सकते." सज्जाद के एक अन्य परिजन अब्दुल रज़्ज़ाक़ ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने यदि पूरा प्रयास किया होता तो शायद बंधकों की जान बच जाती. इस बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि पाकिस्तान सरकार ने बंधकों को रिहा कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया. |
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