| राजा भैया मुलायम मंत्रिमंडल में शामिल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के विवादित विधायक रघुराज प्रताप सिंह यानी राजा भैया को शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री बना दिया गया. राजा भैया पर जैसे कई आपराधिक मामलों में मुक़दमे चल रहे हैं जिनमें हत्या और अपहरण के मामले भी हैं. राजा भैया ने इन आरोपों को ग़लत बताते हुए इन्हें राजनीतिक से प्रेरित बताया है. पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासन काल में उन्हें चरमपंथी विरोधी क़ानून पोटा के तहत गिरफ़्तार कर लिया गया था और 19 महीने जेल में बिताने के बाद वे हाल ही में छूटे हैं. राजा भैया को मंत्रिमंडल में शामिल करने वाले वर्तमान मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव कहते रहे हैं कि राजा भैया को जेल भिजवाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पोटा का दुरुपयोग किया. मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने राजा भैया को मंत्री बनाने के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा है कि जब तक अदालत किसी को दोषी नहीं ठहराती, उसे निर्दोष मानना चाहिए. ठाकुर वोट यह दूसरी बार है जब राजा भैया को मंत्री बनाया जा रहा है. इससे पहले 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कल्याण सिंह ने उन्हें मंत्री बनाया था. ठाकुर नेता राजा भैया प्रतापगढ़ ज़िले में स्थित एक पुरानी रियासत भदरी के राजपरिवार से हैं. इस छोटी सी रियासत में उन्हें बड़ा समर्थन प्राप्त है. माना जाता है कि हाल के संसदीय चुनाव में राजा भैया ने मुलायम सिंह को समर्थन देने की घोषणा की थी और इससे उनकी समाजवादी पार्टी को बड़ा लाभ मिला था. अब राजा भैया को मंत्रिमंडल में शामिल करके वे ठाकुरों के बीच अपना राजनीतिक आधार मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं. |
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