|
देउबा ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के राजा ज्ञानेंद्र ने गुरुवार को शेरबहादुर देउबा को नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई. राजा ज्ञानेंद्र ने ही उन्हें दो साल पहले इसी पद से बर्खास्त किया गया था. बुधवार को उन्हें फिर से प्रधानमंत्री बनाए जाने की घोषणा की गई थी. अब प्रधानमंत्री देउबा अपने मंत्रिमंडल का गठन करेंगे, जिसमें सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के सदस्यों को जगह दी जाएगी. उन्होंने कहा है कि उनकी प्राथमिकता जितनी जल्दी हो सके देश में चुनाव करवाना होगी. इसके अलावा वे माओवादियों से बातचीत शुरु करना चाहते हैं. उल्लेखनीय है कि माओवादी पिछले आठ साल से प्रजातंत्र की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. तीसरी बार देउबा तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने हैं. राजा ज्ञानेंद्र ने ही वर्ष 2002 में देउबा को प्रधानमंत्री के पद से हटाया था और उनका लौटना राजशाही को एक बड़ा झटका बताया जा रहा है. देउबा को पद से हटाते समय राजा ज्ञानेंद्र ने कहा था कि देउबा प्रधानमंत्री पद के काबिल साबित नहीं हुए हैं क्योंकि न तो वो संसदीय चुनाव करवा पाए हैं और न ही राजशाही के ख़िलाफ़ माओवादियों के विद्रोह से कारगर रूप से निपट सके हैं. शेर बहादुर देउबा को पद से हटाए जाने के बाद से विपक्षी पार्टियाँ लगातार विरोध करती रही हैं और उनकी प्रमुख माँग देश में लोकतंत्र स्थापित करना रही है. इसी विरोध के कारण राजा ज्ञानेंद्र के चुने हुए प्रधानमंत्री सूर्य बहादुर थापा को तीन हफ़्ते पहले अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||