|
पाँच पैसे के जुर्माने को लेकर पाँच साल से झगड़े | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान के एक गाँव में पाँच पैसे की वसूली को लेकर पाँच साल से लगातार रोज सरफुटौव्वल हो रही है और पुलिस तैनात करनी पड़ रही है. मामला एक प्रेम विवाह का है. टोंक ज़िले के मुस्लिम बंजारा समाज के पंचायत ने पाँच साल पहले एक प्रेम विवाह पर पाँच पैसे का जुर्माना लगा दिया. प्रेमी युगल ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया और जुर्माना देने से मना कर दिया. बंजारा पंचायत इस्लामपुरा गाँव के गुलाम मोहम्मद से जुर्माना वसूलने के लिए अड़ी हुई है जबकि ग़ुलाम और उसके रिश्तेदार पंचायत का आदेश मानने को तैयार नहीं हैं. यह जुर्माना तब लगाया गया था जब गुलाम मोहम्मद समाज के बाहर की लड़की सजनी बागरिया से प्रेम विवाह कर लिया था. हाल ही में इस मुद्दे पर पंचायत की एक बैठक फिर हुई जिसमें इतना विवाद हुआ कि लाठी चल गई. इस झगड़े में दो लोग गंभीर रुप से घायल हो गए जिन्हें जयपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया है. हवालात में बंद हनीफ़ खाँ पंचायत के निर्णय को सही ठहराया है. उन्होंने बीबीसी से कहा, ''ग़ुलाम दूसरी जाति के औरत को भगा लाया, यह ग़लत था. उस पर जुर्माना लगाया गया ताकि कोई और ऐसा क़दम न उठाए. उस पर सभी पंचों ने एक-एक पैसे का जुर्माना लगाया.'' बंजारा समाज कभी एक कौड़ी का भी जुर्माना लगाया करता था, उसी अंदाज़ में यह जुर्माना लगाया गया है. 'पाँच लाख के बराबर' लेकिन पाँच पैसे होते ही क्या हैं? इस सवाल पर नज़ीर खाँ बंजारा कहते हैं, "हमारे लिए ये पाँच पैसे पाँच लाख के बराबर है. कई बार जुर्माना व्यक्ति को नीचा दिखाने के लिए लगाया जाता है." इस झगड़े के बाद गाँव में कोई पुरुष नज़र नहीं आ रहा है, सिर्फ़ महिलाएँ ही रह गई हैं. गुलाम और सजनी को पहले ही किसी सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है. गाँव की एक बुज़ुर्ग महिला कहती हैं, "हम गुलाम के साथ हैं, हमारे पक्ष में मर्दों की संख्या कम है इसलिए हमारे रिश्तेदारों पर हमले हो रहे हैं." गावों में पुलिस गश्त कर रही है और इस्लामपुरा में अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई है. टोंक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार बताते हैं, "दोनों पक्षों के बीच इस जुर्माने को लेकर कई बार झगड़े हुए हैं. दोनों पक्षों पर मुक़दमें चल रहे हैं." मुद्रा बाजार में रुपए की जो भी क़ीमत हो लेकिन बंजारों की इस दुनिया में तो पाँच पैसे को लेकर ही घमासान मचा हुआ है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||