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दिल्ली में स्कूली पाठ्यक्रम बदला जाएगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली की राज्य सरकार इस साल से स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव करेगी. दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बीबीसी को बताया कि पिछले कुछ सालों में कुछ पुस्तकों में एक विशेष विचारधारा को बढ़ावा देने के लक्ष्य से बदलाव किए गए थे. महत्वपूर्ण है कि पिछले कुछ साल में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर पाठ्यक्रम बदलने और शिक्षा का 'भगवाकरण' करने के आरोप लगे थे. मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का कहना था कि नई पुस्तकों में इतिहास के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया गया और नई पुस्तकें भारत की धर्मनिरपेक्ष परंपरा को बढ़ावा देती हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता से हटने के बाद ये फ़ैसला लिया गया और क्या हर बार सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसा होगा, तो उन्होंने इसका खंडन किया. उनका कहना था कि पाठ्यक्रम बदलने का निर्णय लगभग डेढ साल पहले ही लिया जा चुका था. इतिहास, भूगोल, गणित और अंग्रेज़ी समेत आठवीं कक्षा तक की सभी पुस्तकें बदली जाएँगी और नया पाठ्यक्रम इसी साल से लागू हो जाएगा. पर्यवेक्षक इस कदम को पिछली केंद्र सरकार के शिक्षा को हिंदुत्व विचारधारा से प्रभावित करने के प्रयासों को निष्प्रभाव करने के रूप में देख रहे हैं. |
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