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एस राजेंद्र बाबू नए मुख्य न्यायाधीश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एस. राजेन्द्र बाबू भारत के नए मुख्य न्यायाधीश बनाए गए हैं. रविवार को राष्ट्रपति डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में जस्टिस बाबू को मुख्य न्यायधीश की शपथ दिलाई. इस अवसर पर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा क़ानून और न्याय मंत्री अरुण जेटली के अलावा सर्वोच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश तथा अनेक हस्तियाँ मौजूद थीं. जस्टिस बाबू स्वतंत्र भारत के 34वें मुख्य न्यायधीश हैं. वह सिर्फ़ 31 दिनों के लिए मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहेंगे क्योंकि वह 1 जून को रिटायर होने वाले हैं. जस्टिस बाबू वी एन खरे का स्थान ले रहे हैं जो 16 महीनों से भी अधिक समय तक मुख्य न्यायधीश का पद संभालने के बाद रविवार को सेवानिवृत्त हो गए. सन् 1965 में वकील बनने के बाद राजेन्द्र बाबू को 1988 में कर्नाटक उच्च न्यायालय का स्थायी जज नियुक्त कर दिया गया था. 1997 में वे सर्वोच्च न्यायलय के न्यायधीश बने जिसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण फ़ैसले सुनाए. इन फ़ैसलों में भारत की तेल कंपनियों, एचपीसीएल और बीपीसीएल के विनिवेश के बारे में हाल में सुनाया उनका फ़ैसला भी शामिल है. |
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