|
कृष्णामूर्ति ने आरोपों के बारे में बैठक की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने पश्चिम बंगाल में आदर्श चुनाव संहिता के उल्लंघन की शिकायत मिलने के बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव से कोलकाता में बातचीत की है. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि राज्य पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का एक तबका निष्पक्ष चुनाव में बाधक है. टीएस कृष्णमूर्ति ने शुक्रवार को कोलकाता में कहा, “हमें विपक्षी दलों से शिकायत मिली थी कि सत्ताधारी पक्ष आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहा है, प्रशासन के एक वर्ग, ख़ासतौर पर पुलिस बल के दुरुपयोग की शिकायत मिली थी, इस सिलसिले में हमने राज्य के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव से बातचीत की है.” मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इन आरोपों की पूरी तरह से जाँच की जा रही है. चुनाव आयोग ने मार्च में विपक्ष की शिकायतों के बाद राज्य के तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया था लेकिन चुनाव आयोग से विपक्ष ने एक बार फिर शिकायत की. मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि राज्य में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी राज्यों बिहार, झारखंड और उड़ीसा से लगभग दो हज़ार अधिकारियों को पश्चिम बंगाल में तैनात किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के कुछ सीमांत इलाक़ों में निगरानी और सुरक्षा बलों की तैनाती करने के लिए हेलिकॉप्टरों के इस्तेमाल का प्रस्ताव सामने आया है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “कुछ ऐसे सीमांत इलाक़ों में जहाँ चरमपंथी मौजूद हो सकते हैं वहाँ हेलिकॉप्टर के प्रयोग के सुझाव पर हमने विचार किया है और इसके लिए हम रक्षा मंत्रालय से बातचीत कर रहे हैं. इस दिशा में उपयुक्त क़दम उठाया जाएगा.” पश्चिम बंगाल सरकार ने पक्षपात के आरोपों पर तो प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है लेकिन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता मदन घोष ने कहा कि चुनाव आयोग को ऐसा कोई क़दम नहीं उठाना चाहिए जिससे राज्य के अधिकारियों के मनोबल असर पड़े. विपक्षी पार्टियाँ काफ़ी समय से सत्ताधारी सीपीएम पर चुनावी धाँधली का आरोप लगाती रही हैं जिससे पार्टी इनकार करती रही है, लेकिन यह पहला मौक़ा है जब चुनाव आयोग ने इन आरोपों को इतनी गंभीरता से लिया है. विपक्षी तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बैनर्जी ने चुनाव आयोग के क़दमों पर संतोष व्यक्त किया है लेकिन साथ ही उन्होंने आयोग को 12 निर्वाचन क्षेत्रों का नाम बताया है जिन पर उनके हिसाब से ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||