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149 केंद्रों पर दोबारा मतदान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सोमवार को जिन 136 लोकसभा सीटों के लिए मतदान हुआ था उनके 149 मतदान केंद्रों पर बुधवार को दोबारा वोट डाले जाएँगे. चुनाव आयोग ने कहा है कि हिंसा और धांधली की शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. इनमें से सबसे अधिक मतदान केंद्र आंध्र प्रदेश में हैं जबकि गोवा और जम्मू-कश्मीर ऐसे राज्य हैं जहाँ कोई पुनर्मतदान नहीं होगा. आंध्र प्रदेश में 93 ऐसे मतदान केंद्र हैं जहाँ दोबारा वोट डाले जाएँगे, राज्य के कई प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों से गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं. आंध्र प्रदेश के बाद नंबर है उत्तर प्रदेश का है जहाँ 32 सीटों के लिए मतदान हुआ था, राज्य के 25 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोट डाले जाएँगे.
उत्तर प्रदेश में गाज़ीपुर और सुल्तानपुर जैसे निर्वाचन क्षेत्रों से कई शिकायतें आयोग को मिली थीं. असम और कर्नाटक में 14-14 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग होगी, असम में आठ और कर्नाटक में 13 सीटों के लिए मतदान हुआ था. पिछले दौर में जहाँ सबसे ज्यादा धाँधली की शिकायतें मिली थी वह राज्य था--मणिपुर, पिछले दौर में वहाँ 117 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग के आदेश दिए गए थे जबकि इस बार सिर्फ़ तीन मतदान केंद्रों पर मतदान होगा. बाक़ी बाद में चुनाव आयोग ने कहा है कि बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड और उड़ीसा में कितने मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग होगी इसका फ़ैसला बुधवार को किया जाएगा. बिहार में छपरा, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर से मतदान में धाँधली की शिकायतें मिली थीं, जबकि झारखंड से भी कई निर्वाचन क्षेत्रों से गड़बड़ी के समाचार आए थे. चुनाव आयोग ने कहा है कि इन मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जाएँगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदान निष्पक्ष हो. पिछले दौर में भी 213 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोट डालने के आदेश दिए गए थे. |
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