BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 04 अप्रैल, 2004 को 14:30 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
कांग्रेस ने मुझे धोखा दिया: पवन दीवान

News image
टिकट नहीं मिली तो पार्टी छोड़ी
पूर्व सांसद और छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता पवन दीवान अपना टिकट कटने से इतने नाराज़ हो गए कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए.

संत और कवि के रुप में मशहूर पवन दीवान अपने महाभारत प्रवचनों के लिए भी जाने जाते हैं.

कभी जनसंघ में रहे पवन दीवान को छत्तीसगढ़ राज्य के विकास के नाम पर अर्जुन सिंह कांग्रेस में ले आए थे.

पिछले दो लोकसभा चुनावों से वे महासमुंद से टिकट मांग रहे थे. पिछली बार तो श्यामाचरण शुक्ल को टिकट दे दिया गया और इस बार कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को टिकट दे दिया.

भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडू के निवास पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ आकर उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली.

पार्टी बदलने के मसले पर पवन दीवान ने बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत की.

कल तक तो आप महासमुंद से कांग्रेस का टिकट मांग रहे थे लेकिन आज अचानक भाजपा में शामिल हो गए?
मैंने टिकट मांगा ही नहीं उन्होंने विश्वास दिलाया था कि आपको टिकट देंगे और चुनाव लड़वाएंगे. उन्होंने विश्वास तोड़ दिया.

सिर्फ़ टिकट का विश्वास टूटने से आपने पार्टी छोड़ने का फ़ैसला कर लिया?
बात यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के मांग के साथ ही हमारी राजनीति शुरु हुई थी. हमें लगता था कि कांग्रेस के नेता छत्तीसगढ़ राज्य बनाकर देंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं. आज अटलजी ने छत्तीसगढ़ राज्य बनाकर दिया तो हमारा फर्ज़ है कि उन्हें राज्य की सारी ग्यारह सीटें जिताकर दें.

लेकिन राज्य को बने तो तीन साल से अधिक समय हो गया?
हाँ, लेकिन राज्य बनने के बाद से तो यह लोकसभा के पहले चुनाव हैं.

जब छत्तीसगढ़ राज्य बना उसके बाद छत्तीसगढ़ के कांग्रेस के सभी बड़े नेता अजीत जोगी के ख़िलाफ़ हो गए थे सिर्फ़ आप ही थे जो उनके साथ थे, तो क्या अजीत जोगी ने आपका विश्वास तोड़ा?
मैं अजीत जोगी के साथ नहीं था, उन्होंने मेरा साथ लिया था. उनको ज़रुरत थी तो उन्होंने मेरा साथ लिया.

आपको क्या लगता है कि उनकी ज़रुरत पूरी हो गई तो उन्होंने आपको दूर कर दिया?
अब ऐसा ही समझ लीजिए.

अब आपकी प्राथमिकता क्या होगी?
हम छत्तीसगढ़ का विकास चाहते हैं. दूसरा ये कि देश में विश्वास है कि अटलजी ही देश को आगे ले जा सकते हैं इसलिए मैं पार्टी का प्रचार करुँगा.

अजीत जोगी को चुनाव हराना क्या आपकी प्राथमिकता नहीं होगी?
उसमें क्या बड़ी बात है. वह तो जनता निर्णय करेगी.

आप विद्याचरण शुक्ल को चुनाव हरा चुके हैं इस बार आपको उनके लिए प्रचार करना पड़ेगा. कल तक आप सोनिया गाँधी का गुणगान कर रहे थे अब आप अटल जी का बखान करेंगे कैसा लगेगा यह सब?
हमारा जो सिद्धांत कल था वह आज भी है. हम देश की एकता को मज़बूत बनाना और देश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाना चाहते हैं. छत्तीसगढ़ राज्य इसका उदाहरण है और भाजपा ने एक आदर्श कायम किया है.

तो आप इस आदर्श के लिए टिकट कटने तक का इंतज़ार क्यों करते रहे?
मैं कहाँ इंतज़ार करता रहा, इंतज़ार वो करते रहे कि कब मैं कांग्रेस छोड़कर जाउँ.

सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>