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कांग्रेस ने मुझे धोखा दिया: पवन दीवान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व सांसद और छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता पवन दीवान अपना टिकट कटने से इतने नाराज़ हो गए कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए. संत और कवि के रुप में मशहूर पवन दीवान अपने महाभारत प्रवचनों के लिए भी जाने जाते हैं. कभी जनसंघ में रहे पवन दीवान को छत्तीसगढ़ राज्य के विकास के नाम पर अर्जुन सिंह कांग्रेस में ले आए थे. पिछले दो लोकसभा चुनावों से वे महासमुंद से टिकट मांग रहे थे. पिछली बार तो श्यामाचरण शुक्ल को टिकट दे दिया गया और इस बार कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को टिकट दे दिया. भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडू के निवास पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ आकर उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली. पार्टी बदलने के मसले पर पवन दीवान ने बीबीसी हिंदी से विशेष बातचीत की. कल तक तो आप महासमुंद से कांग्रेस का टिकट मांग रहे थे लेकिन आज अचानक भाजपा में शामिल हो गए? सिर्फ़ टिकट का विश्वास टूटने से आपने पार्टी छोड़ने का फ़ैसला कर लिया? लेकिन राज्य को बने तो तीन साल से अधिक समय हो गया? जब छत्तीसगढ़ राज्य बना उसके बाद छत्तीसगढ़ के कांग्रेस के सभी बड़े नेता अजीत जोगी के ख़िलाफ़ हो गए थे सिर्फ़ आप ही थे जो उनके साथ थे, तो क्या अजीत जोगी ने आपका विश्वास तोड़ा? आपको क्या लगता है कि उनकी ज़रुरत पूरी हो गई तो उन्होंने आपको दूर कर दिया? अब आपकी प्राथमिकता क्या होगी? अजीत जोगी को चुनाव हराना क्या आपकी प्राथमिकता नहीं होगी? आप विद्याचरण शुक्ल को चुनाव हरा चुके हैं इस बार आपको उनके लिए प्रचार करना पड़ेगा. कल तक आप सोनिया गाँधी का गुणगान कर रहे थे अब आप अटल जी का बखान करेंगे कैसा लगेगा यह सब? तो आप इस आदर्श के लिए टिकट कटने तक का इंतज़ार क्यों करते रहे? |
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